नामांतरण रुकवाकर खरीदार को लगाया लाखों का चूना
दुर्ग : न्यूज़ 36 : भूमि विक्रय के नाम पर 25 लाख 51 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलगांव थाना पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत और दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी है।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने मौजा चन्दखुरी स्थित खसरा नंबर 1227/1, रकबा 0.0420 हेक्टेयर भूमि खरीदने के लिए आरोपियों को बैंकिंग माध्यम से कुल 25 लाख 51 हजार रुपये का भुगतान किया था। भुगतान के बाद भूमि का पंजीकृत विक्रय पत्र भी निष्पादित किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विक्रय पत्र निष्पादित होने के बाद जब भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया शुरु हुई, तब आरोपियों ने आपत्ति प्रस्तुत कर नामांतरण निरस्त करा दिया। इससे शिकायतकर्ता को आर्थिक और कानूनी नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने भूमि संबंधी दस्तावेजों और आपसी सहमति पत्र के आधार पर शिकायतकर्ता का विश्वास जीतकर विक्रय राशि प्राप्त की। इसके बाद कथित रूप से राजस्व प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर भूमि का नामांतरण शिकायतकर्ता के पक्ष में नहीं होने दिया।
शिकायत एवं प्रस्तुत दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और षड्यंत्र के तथ्य सामने आने पर पुलगांव थाना में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340 (2) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में विक्रय पत्र, सहमति पत्र, इकरारनामा, बैंक लेन-देन संबंधी दस्तावेज तथा अन्य अभिलेखों को जांच में शामिल किया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
पुलिस के अनुसार आरोपी गुपेन्द्र कुमार निर्मलकर और उनके पुत्र खिलेन्द्र कुमार निर्मलकर, दोनों निवासी चन्दखुरी, दुर्ग के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि भूमि क्रय-विक्रय से पहले स्वामित्व, राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
