Sunday, June 7, 2026

डेढ़ करोड़ महीने का ऑनलाइन सट्टा के कारोबार को पुलिस ने पकड़ा

भिलाई से नागपुर तक फैला था सट्टे का साम्राज्य, 85 एटीएम व 45 सिम कार्ड जप्त, मास्टरमाइंड समेत 9 गिरफ्तार

भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। थाना छावनी पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, नगदी और 23 लाख रुपये मूल्य के सोने एवं डायमंड के आभूषण जब्त किए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छावनी क्षेत्र निवासी निशांत कमार गप्ता लंबे समय से विभिन्त्र राज्यों में ठिकानेबदल-बदलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन कर रहा था। विश्वसनीय सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि वह “C-B Cricket Buzz Betting App” और “RubyBet” जैसे ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध सट्टा कारोबार संचालित कर रहा था।

नागपुर में किराये के मकान से चल रहा था सट्टा सेंटर

मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक किराये के मकान में दबिश दी। वहां ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए 8 युवकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे डिपॉजिट, विड्रॉल, आईडी मैनेजमेंट, अकाउंट संचालन और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए नियुक्त थे। इसके बदले उन्हें 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाती थीं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन लेन-देन करता था, जो प्रतिमाह लगभग डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंचता था। गिरोह में उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों को संगठित रुप से शामिल कर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।

फर्जी बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड का हो रहा था उपयोग

विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि ऑनलाइन सट्टे से अर्जित रकम को छिपाने और खपाने के लिए बड़ी संख्या में बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिमकार्ड का उपयोग किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इनमें से कई बैंक खाते और सिम कार्ड छलपूर्वक अथवा अन्य अवैध तरीकों से प्राप्त किए गए थे।

सट्टे की रकम को विभिन्न खातों में जमा कर परत-दर-परत ट्रांसफर किया जाता था, ताकि वास्तविक लाभार्थियों और धन के स्रोत को छिपाया जा सके। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4), 318(4) तथा टेलीकॉम अधिनियम की धारा 42 के तहत अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं।

अवैध कमाई से खरीदे गए 23 लाख के जेवर भी जब्त

जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता ने ऑनलाइन सट्टे से अर्जित अवैध धन का
उपयोग महंगे सोने और डायमंड के आभूषण खरीदने में किया था। पुलिस ने पावर हाउस स्थित एक ज्वेलर्स के यहां गिरवी रखे गए लगभग 15 तोला सोने एवं डायमंड मिश्रित आभूषण जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है।

भारी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड, 1.54 लाख रुपये नकद, चेकबुक, आधार कार्ड, हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

यह है गिरफ्तार आरोपी :

गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता (भिलाई) के अलावा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, मऊ, महाराजगंज तथा बिहार के दरभंगा जिले के 8 युवक शामिल हैं।

थाना छावनी में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 371/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता एवं टेलीकॉम अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।

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