रायपुर : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ विधानसभा में हाल ही में पारित तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 तथा लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को प्रदेशवासियों के लिए “वरदान” बताया है।
मुख्यमंत्री निवास में विधायक पुरेन्द मिश्रा के नेतृत्व में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर इन विधेयकों के पारित होने पर आभार व्यक्त किया और उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून के लागू होने से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से प्रदेश में इस तरह के सख्त कानून की मांग की जा रही थी। पूर्व में मौजूद कानून पर्याप्त प्रभावी नहीं था, जिसके कारण कई मामलों में दोषी बच निकलते थे। नए प्रावधानों के माध्यम से सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 से भर्ती प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी होंगी, जिससे लाखों युवाओं को लाभमिलेगा। वहीं, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और नकल को रोकने के लिए बनाए गए नए कानून से परीक्षा प्रणाली में विश्वसनीयता बढ़ेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के धर्मांतरण विरोधी अभियान का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं भी दी।
