123 संदिग्ध खाताधारकों पर कार्रवाई
भिलाई : न्यूज़ 36 : साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे फर्जी बैंक खातों के संगठित नेटवर्क के खिलाफ दुर्ग पुलिस ते बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब तक 123 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर चुकी है। आरोप है कि ये लोग कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे, जिनके माध्यम से ठगी की रकम जमा, छिपाई और दूसरे खातों में स्थानांतरित की जाती थी।
गृह मंत्रालय के इनपुट पर शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से हासिल रकम विभिन्न खातों में जमा कर आगे ट्रांसफर की जा रही थी। प्रथम दृष्टया यह भी पाया गया कि कई खाताधारकों ने जानबूझकर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे। मामले में मोदित कुमार जैन, करण टंडन, अवध किशोर, संकेत कुमार दास, रविंद्र कौशिक, शहबाज आलम, ए. सागर, प्रीति कौर, प्रेमलाल कौशिक गया है। और ललित कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
106 खातों की जांच में आठ आरोपी पकड़े गए
थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के 106 संदिग्ध खातों की जांच के दौरान आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए। वहीं थाना छावनी के एक अन्य मामले में पहले 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। जांच आगे बढ़ने पर दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 17 हो गई। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
साइबर ठगी में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले अन्य. लोगों की भी पहचान की जा रही है। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और इसमें शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
सुखनंदन राठौर
(एएसपी)
