Sunday, September 13, 2026

लोक अदालत में 4.10 लाख से अधिक न्यायालयीन व प्री लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण

दुर्ग : न्यूज़ 36 : इस वर्ष की तीसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। लोक अदालत में 4.10 लाख से अधिक न्यायालयीन एवं प्री लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा लगभग 685.90 करोड़ की समझौता राशि पर सहमति बनी। नेशनल लोक अदालत में कुल 37 खंडपीठों का गठन किया गया था। परिवार न्यायालय दुर्ग, जिला न्यायालय दुर्ग, व्यवहार न्यायालय भिलाई तीन पाटन एवं धमधा, किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थाई लोक अदालत, राजस्व न्यायालय तथा उपभोक्ता फोरम सहित विभिन्न संस्थाओं में मामलों में सुनवाई हुई। 13,851 न्यायालयीन प्रकरण तथा 3,96,869 प्री लिटिगेशन इस तरह कुल 4,10,720 प्रकरण निराकृत किए गए।
परिवार न्यायालय दुर्ग में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहा था। मामला नेशनल लोक अदालत में पहुंचा था। दोनों पक्षों को केवल उनके कानूनी अधिकारों के संदर्भ में नहीं बल्कि उनके भविष्य, सम्मान, विश्वास और पारिवारिक जीवन के संदर्भ में भी सोचने के लिए प्रेरित किया गया। दोनों ने पुराने मतभेद छोड़कर एक दूसरे के प्रति सम्मान और विश्वास के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया। अदालत ने दोनों को एक दूसरे को माला पहनाने के लिए कहा। एक अन्य प्रकरण में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच लंबे समय से चली आ रही कटुता ने आपराधिक मुकदमे का रूप ले लिया था। वर्षों से लंबित इस विवाद में परिवार के रिश्तों में तनाव और दूरी पैदा कर दी थी। लोक अदालत में पक्षकारों की भावना और पारिवारिक संबंधों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुरानी रंजिश खत्म कराई गई। एक अन्य मामले में रात के समय घर लौट रहे एक व्यक्ति का एयर फोन रास्ते में गिर गया। उसे उठाने के लिए जब वह रुका और वापस आया तो उसकी मोटरसाइकिल गायब थी। मोटरसाइकिल चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामला न्यायालय तक पहुंचा। बाद में मोटरसाइकिल बरामद कर प्रार्थी को सुपुर्द कर दी गई। न्यायालय में इस प्रकरण को रखा गया और आपसी राजीनामा की इच्छा व्यक्त की गई। समझाइश के बाद आरोपी ने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की बात कही थी।

 

आप की राय

[yop_poll id="1"]

Latest news
Related news