Wednesday, September 30, 2026

बोरिगारका की रामकथा में पंडित युवराज पाण्डेय ने अंधविश्वास और कर्महीनता पर साधा निशाना

एक लोटा जल या नारियल चढ़ाने से कोई पास नहीं होता अगर ऐसा होता तो छत्तीसगढ़ मे IAS से भरा होता ये पाखंड है : आचार्य युवराज पाण्डेय

दुर्ग : न्यूज़ 36 : जिले के बोरिगारका में आयोजित रामकथा के दौरान पंडित युवराज पाण्डेय ने धार्मिक आस्था के नाम पर प्रचलित अंधविश्वास और कर्म के बजाय केवल पूजा-पाठ से सफलता पाने की सोच पर तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि “एक लोटा जल या नारियल चढ़ाने से कोई पास नहीं होता, यह पाखंड है। सत्य को पहचानने और परखने की जरूरत है।” उन्होंने विद्यार्थियों का उदाहरण देते हुए कहा कि बिना पढ़ाई किए कोई परीक्षा पास नहीं कर सकता। यदि केवल पूजा-पाठ से सफलता मिलती तो छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में आईएएस और आईपीएस अधिकारी बन जाते।
पंडित पाण्डेय ने राजनीतिक क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि बिना तैयारी, बिना जनता के सुख-दुख में शामिल हुए और उनकी समस्याओं को समझे कोई व्यक्ति केवल धार्मिक अनुष्ठान के सहारे चुनाव नहीं जीत सकता। उन्होंने कहा कि “जगन्नाथ प्रभु को एक नारियल चढ़ा देने से चुनाव नहीं जीता जा सकता।”
उन्होंने दुर्गा माता की ज्योत जलाने की परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी को लगता है कि केवल ज्योत जलाने से सफलता सुनिश्चित हो जाएगी, तो यह सोच उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन सफलता के लिए कर्म, मेहनत और प्रयास जरूरी हैं।
पंडित युवराज पाण्डेय ने “कर्महीन नर पावत नहीं काही” का उल्लेख करते हुए कहा कि जो व्यक्ति कर्म नहीं करता, उसके हाथ में अंततः कुछ नहीं रहता और वह केवल दूसरों को आगे बढ़ते हुए देखता रह जाता है। उन्होंने कहा कि कर्म ही व्यक्ति की पहचान है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्म करने का अधिकार है।

आप की राय

[yop_poll id="1"]

Latest news
Related news