भिलाई : न्यूज़ 36 : भिलाई इस्पात संयंत्र जैसी राष्ट्रीय संपत्ति से करोड़ों की लोहा चोरी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भिलाई तीन थाने में करोड़ों के लोहा चोरी का मामला दर्ज होने और सरकार के राजपत्र में सीबीआई जांच की अधिसूचना प्रकाशित होने के बावजूद चोरों के हौसले आसमान पर हैं। ताजा मामला छावनी क्षेत्र का है, जहां कबाड़ी के गोदाम में बीएसपी का लोहा काटा जा रहा था।
जानकारी के अनुसार छावनी स्थित पांडेय कबाड़ी के गोदाम में बड़ी मात्रा में लोहा और काटकर अलग किए गए लोहे के टुकड़े मिले हैं। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जब्ती की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि लोहा धर्मकांटा से निकलने के बाद रास्ते में रोककर काटा जा रहा था और फिर अलग-अलग हिस्सों में कर गंतव्य तक पहुंचाने की तैयारी थी।
राष्ट्रीय संपत्ति को दीमक की तरह चाट रहा संगठित गिरोह
भिलाई इस्पात संयंत्र की सुरक्षा पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यह चोरी कोई एक-दो लोगों का काम नहीं, बल्कि संगठित गिरोह का कारनामा है। संयंत्र से लोहा किस तरह बाहर निकलता है, किन रास्तों से कबाड़ गोदामों तक पहुंचता है, उसे कौन खरीदता है और पूरे नेटवर्क को किसका संरक्षण प्राप्त है, यह जांच का बड़ा विषय है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस, सीआईएसएफ अथवा बीएसपी के कुछ लोगों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर लोहा चोरी संभव नहीं है। वर्षों से चल रही इस कथित चोरी से राष्ट्रीय संपत्ति को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सीबीआई जांच की अधिसूचना के बाद भी सक्रिय है नेटवर्क
गौरतलब है कि बीएसपी से लोहा चोरी के मामले में सीबीआई जांच की स्वीकृति मिल चुकी है और राजपत्र में अधिसूचना भी प्रकाशित हो चुकी है। इसके बावजूद चोरी का जारी रहना यह बताता है कि चोरों ने कानून को पानी से पतला समझ लिया है।
छावनी में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर हुई कार्रवाई से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। बरामद लोहे की पहचान, उसके स्रोत, परिवहन के दस्तावेज और काटकर रखे गए माल की जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल दुर्ग पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन सवाल यह है कि जब तक सीबीआई अपनी जांच तेज नहीं करती, तब तक राष्ट्रीय संपत्ति की इस लूट पर कैसे रोक लगेगी। अब सबकी निगाहें केंद्रीय एजेंसी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
