कोनका में निरीक्षण के दौरान 48 बोरी संदिग्ध उर्वरक मिला, यूरिया के स्टॉक में भी अंतर, संचालक के खिलाफ अपराध दर्ज
दुर्ग : न्यूज़ 36 : जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोनका स्थित अमन कृषि केंद्र में उर्वरक भंडारण और बिक्री में अनियमितता का मामला सामने आया है। उर्वरक निरीक्षक सह कृषि विकास अधिकारी श्रीमती अर्चना रानी चखियार की शिकायत पर धमधा पुलिस ने केंद्र के संचालक धनराज पटेल और लक्ष्मीनारायण के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी है।
पुलिस के अनुसार, 24 जून 2026 को उर्वरक निरीक्षक ने अपनी टीम और गवाहों के साथ ग्राम कोनका में धनराज पटेल के यहां निरीक्षण किया। तलाशी के दौरान उन्नत किसान ब्रांड के नाम से 48 बोरी उर्वरक मिला। प्रत्येक बोरी में 50 किलोग्राम उर्वरक बताया गया है। पूछताछ में धनराज पटेल ने लक्ष्मीनारायण के साथ ओडिशा की त्रयंबकेश्वर फर्टिलाइजर एवं केमिकल कंपनी से 600 बोरी उर्वरक मंगवाने की जानकारी दी। इनमें से 552 बोरी की खपत होने की बात कही गई, जबकि शेष 48 बोरी मौके पर मिलीं।
निरीक्षण के दौरान उर्वरक के मिश्रण और दर में भिन्नता पाए जाने की बात सामने आई। संबंधित कंपनी के छत्तीसगढ़ में पंजीकृत नहीं होने की जानकारी भी शिकायत में दी गई है। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर उर्वरक के तीन नमूने लिए, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए सुरक्षित रखा गया। शेष उर्वरक को सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ संचालक के सुपुर्द किया गया।
यूरिया के स्टॉक में भी मिला अंतर
इसके बाद अमन कृषि केंद्र के प्रतिष्ठान की जांच में एचयूआरएल कंपनी की 50-50 किलोग्राम वाली 368 बोरी यूरिया मिली। जांच में पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा पांच प्रकार के मिश्रित उर्वरक, दो जैव उर्वरक और आठ जैव उत्प्रेरकों के संबंध में आवश्यक अनुज्ञप्ति प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई। इन सामग्रियों को भी जब्त कर सुरक्षा के लिए संचालक के सुपुर्द किया गया।
नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन का आरोप
उर्वरक निरीक्षक की शिकायत के मुताबिक, प्रतिष्ठान में उर्वरकों की मूल्य दर प्रदर्शित नहीं की गई थी और बिल-मेमो भी निर्धारित प्रारूप में जारी नहीं किए जा रहे थे। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा उर्वरक (संचलन नियंत्रण) आदेश, 1973 के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
मामले में कलेक्टर की अनुमति के बाद संबंधित दस्तावेजों के साथ पुलिस से कार्रवाई का अनुरोध किया गया। धमधा पुलिस ने अपराध क्रमांक 0301/26 के तहत धनराज पटेल और लक्ष्मीनारायण के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
