CJM कोर्ट के आदेश पर सुपेला पुलिस ने दर्ज किया अपराध, एस-स्क्वेयर आयरोमैक्स कंपनी से जुड़े हैं आरोपी
भिलाई : न्यूज़ 36 : सुपेला थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस के उप पुलिस अधीक्षक विशाल र की शिकायत पर पलिस ने एस-स्क्वेयर आयरोमैक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। आरोपियों पर डीएसपी के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी एवं भ्रामक शिकायतें करने, मिथ्या साक्ष्य गढ़ने, आपराधिक आरोप लगाने, छल तथा षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग के 11 सितंबर 2026 के आदेश के बाद हुई है।
मामले में सुपेला थाना में पदस्थ कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक संतोष निर्मलकर की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, डीएसपी विशाल सोन ने न्यायालय में धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि एस-स्क्वेयर आयरोमैक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लोगों ने एक राय होकर उनके खिलाफ लगातार झूठी, भ्रामक एवं तथ्यहीन शिकायतें प्रस्तुत कीं तथा पुलिस विभाग में झूठे कथन देकर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कराने का प्रयास किया।
वाहन को लेकर शुरू हुआ था विवाद
न्यायालय में प्रस्तुत आवेदन के मुताबिक, कंपनी के अधिकृत अधिकारी सतनाम सिंह ने 13 अक्टूबर 2025 को थाना जामुल में स्कार्पियो एन वाहन क्रमांक CG-05-AP-5000 को लेकर डीएसपी विशाल सोन के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में वाहन वापस नहीं करने का आरोप लगाया गया था।
जांच के दौरान वाहन के मूल स्वामी अंकित सिंह ने भी पुलिस को अलग शिकायत दी थी। पुलिस जांच में वाहन को लेकर कंपनी और अंकित सिंह के बीच लेनदेन का विवाद सामने आया। आवेदन के अनुसार, जामुल पुलिस ने जांच के बाद डीएसपी विशाल सोन के खिलाफ संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाया और शिकायतकर्ता को पुलिस हस्तक्षेप अयोग्य अपराध की सूचना दी गई।
इसके बाद आरोप है कि 27 मई 2026 को सतनाम सिंह ने पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और थाना जामुल में तथा बाद में 14 जुलाई 2026 त्यो थाना सुपेला में इसी मामले से संबंधित शिकायतें डीएसपी विशाल सोन ने इन शिकायतों को झूठा बताते हुए पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल सहित थाना सुपेला में भी शिकायतें प्रस्तुत की थीं।
सीजेएम ने प्रथम दृष्टया अपराध बनना माना
न्यायालय के आदेश में उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों के अवलोकन के बाद कहा गया कि अनावेदकों द्वारा डीएसपी के संबंध में थाना सुपेला में मिथ्या सूचना देने, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने, मिथ्या शिकायत एवं साक्ष्य गढ़ने, क्षति पहुंचाने के आशय से आपराधिक आरोप लगाने, छल, षड्यंत्र और मानहानि से संबंधित अपराध का प्रथम दृष्टया गठन होना दर्शित है।
इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग ने धारा 175 (3) बीएनएसएस के तहत आवेदन स्वीकार करते हुए थाना प्रभारी सुपेला को अपराध दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए।
तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज
न्यायालय के आदेश के बाद डीएसपी विशाल सोन की रिपोर्ट पर सुपेला पुलिस ने अपराध क्रमांक 1387/26 दर्ज किया है। पुलिस ने सतनाम सिंह, विभूति भूषण बाबू और श्रीराम गुप्ता के खिलाफ धारा 217, 221, 229, 248, 318, 356 एवं 61 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
पुलिस अब शिकायतों, पूर्व में हुई जांच, संबंधित दस्तावेजों और आरोपों की सत्यता सहित पूरे मामले की जांच कर रही है।
