भारत फाइनेंसियल इन्क्लूजन लिमिटेड की धमधा शाखा का मामला, दल्लीराजहरा से पकड़ाया आरोपी
दुर्ग : न्यूज़ 36 : भारत फाइनेंसियल इन्क्लूजन लिमिटेड की धमधा शाखा में ग्राहकों से लोन की किस्त और बकाया राशि वसूलकर कंपनी में जमा नहीं करने के मामले में फरार चल रहे पूर्व संगम मैनेजर को धमधा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 34 ग्राहकों से कुल 4 लाख 85 हजार 575 रुपये की राशि का गबन करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को दल्लीराजहरा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2025 को भारत फाइनेंसियल इन्क्लूजन लिमिटेड धमधा के पूर्व क्रेडिट मैनेजर ने थाना धमधा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार रणजीत सिंह (28), निवासी एकलव्य नगर दल्लीराजहरा, कंपनी की धमधा शाखा में करीब छह माह तक संगम मैनेजर के पद पर कार्यरत था।
उसकी जिम्मेदारी शाखा से जुड़े सदस्यों को गांवों में जाकर लोन वितरित करने और उनसे लोन की किस्त एवं बकाया राशि वसूलकर कंपनी कार्यालय में जमा
एवं बकाया राशि वसूलकर कंपनी कार्यालय में जमा करने की थी। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने 26 दिसंबर 2023 की सुबह 8 बजे से 28 मई 2024 की शाम 7 बजे के बीच कुल 34 सदस्यों से किस्त एवं बकाया राशि के रूप में ₹4,85,575 प्राप्त किए, लेकिन कंपनी के कार्यालय में राशि जमा नहीं की।
आरोप है कि ग्राहकों से वसूली गई रकम को कंपनी में जमा करने के बजाय आरोपी ने अपने पास रख लिया और बाद में निजी खर्च में इस्तेमाल कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने घटना करना स्वीकार करते हुए गबन की राशि खाने-पीने में खर्च करना बताया है।
लगातार फरार था आरोपी
घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। धमधा पुलिस उसकी संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपी के दल्लीराजहरा, जिला बालोद में होने की सूचना मिली। साइबर टीम की तकनीकी सहायता से जानकारी की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दल्लीराजहरा पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया।
पूछताछ के बाद आरोपी रणजीत सिंह को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के समक्ष रिमांड के लिए पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, गबन की राशि आरोपी द्वारा खर्च कर दिए जाने की जानकारी सामने आई है, इसलिए फिलहाल प्रकरण में नगद राशि की बरामदगी नहीं हुई है।
किस्त वसूलकर खुद रख लेता था रकम
पुलिस के अनुसार आरोपी का तरीका यह था कि वह संगम मैनेजर के पद का फायदा उठाते हुए ग्राहकों से लोन की किस्त और बकाया राशि वसूलता था। इसके बाद रकम को कंपनी के कार्यालय में जमा करने के बजाय अपने पास रख लेता और निजी खर्च में इस्तेमाल करता था।
इस कार्रवाई में थाना धमधा पुलिस एवं साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर लंबे समय से और तकनीकी सहायता के आधार पर लंबे समय से फरार आरोपी को दल्लीराजहरा से गिरफ्तार किया।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वित्तीय लेन-देन के दौरान रसीद एवं भुगतान संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखें। किसी कर्मचारी या व्यक्ति द्वारा राशि प्राप्त करने के बाद उसे संबंधित संस्था में जमा नहीं करने अथवा किसी तरह की वित्तीय अनियमितता की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित संस्था और पुलिस को सूचना दें।
