एससी-एसटी एक्ट के तहत भी उम्रकैद और जुर्माना
दुर्ग : न्यूज़ 36 : 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अनीश दुबे की अदालत ने आरोपी शुभम सरकार उर्फ बंगाली को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा भी दी। वहीं एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2) (1) के तहत आजीवन कारावास व पांच हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के अनुसार 15 नवंबर 2023 की रात करीब 8 बजे 15 वर्ष 5 माह की किशोरी बिस्किट खरीदने किराना दुकान जा रही थी। आरोप है कि आरोपी ने उसे सुनसान सड़क पर रोककर मुंह दबाया और पटरी के पास ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने के बावजूद सुनसान क्षेत्र होने के कारण मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा।
घर ले जाकर दोबारा वारदात
आरोप है कि घटना के बाद आरोपी किशोरी को अपने घर ले गया और वहां भी उसके साथ दो बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। घटना से डरी किशोरी ने बाद में अपनी बहन और भाई को जानकारी दी। परिजन की शिकायत पर जीआरपी चौकी भिलाई में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। इसके बाद पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों के तहत कठोर सजा सुनाई गई।
