दुर्ग : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की नवीन पदस्थापना सूची में नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त सुमित अग्रवाल (भा.प्र.से. 2021 बैच) को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। शासन ने उन्हें आगामी आदेश तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के पद पर पदस्थ किया है। यह पद प्रदेश में शहरी विकास योजनाओं के संचालन और क्रियान्वयन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
शासन के आदेशानुसार, सुमित अग्रवाल द्वारा SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का कार्यभार ग्रहण करते ही रिमिजियुस एक्का (भा.प्र.से. 2011) को इस पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा। वे संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास के अपने मूल दायित्व का निर्वहन पूर्ववत करते रहेंगे।
राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के अंतर्गत SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी की दृष्टि से भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष भी घोषित किया है। इससे स्पष्ट है कि शासन ने इस पद को अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व के रूप में मान्यता दी है।
दुर्ग नगर निगम में आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सुमित अग्रवाल ने प्रशासनिक व्यवस्था, शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं तथा विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में अनेक प्रशासनिक निर्णयों और विकास कार्यों को गति मिली, जिसके कारण निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उनका कार्यगत समन्वय भी मजबूत रहा।
इसी कारण उनके स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद नगर निगम के अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भावुक माहौल भी देखने को मिला। लंबे समय तक साथ कार्य करने वाले सहयोगियों के लिए यह केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि एक ऐसे अधिकारी की विदाई है, जिसने टीम के साथ मिलकर कई चुनौतियों का सामना किया। शासन के प्रशासनिक फेरबदल को स्वीकार करते हुए निगम का पूरा अमला अब नए आयुक्त की नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि शासन का प्रत्येक निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा होता है और नई जिम्मेदारियों के साथ नई कार्यशैली का स्वागत किया जाएगा।
सुमित अग्रवाल की नई पदस्थापना को उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता का सम्मान माना जा रहा है। अब उनकी जिम्मेदारी केवल एक नगर निगम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे प्रदेश में शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी संचालन और निगरानी का दायित्व उनके कंधों पर होगा।
