दुर्ग : न्यूज़ 36 : बैंक से ऋण प्राप्त करने के बाद आरोपी द्वारा दिया गया लाखों रुपए का चेक अनादरित हो गया। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग भगवान दास पनिका की कोर्ट ने आरोपी के जीवनाथन को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत 2 माह सश्रम कारावास एवं 15,90,000 रुपए प्रतिकर राशि भुगतान करने का आदेश दिया है। प्रतिकर राशि अदा न करने पर 15 दिन के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। परिवादी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद शफीक खान ने पैरवी की थी।
आरोपी के जीवनाथन नायर निवासी एसीसी जामुल भिलाई ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा कुरूद भिलाई से वर्ष 2013 में 15 लाख रुपए सावधि ऋण एवं नगद साख सीमा ऋण लिया था।उस समय आरोपी ने सभी दस्तावेज जमा कराए थे। परिवादी शाखा प्रबंधक को आरोपी ने राशि के भुगतान के एवज में 15,20,000 रुपये का स्वयं के हस्ताक्षर का चेक दिया था जो कि आइसीआइसीआइ बैंक में 13 अप्रैल 2016 को जमा करने पर खाता मे अपर्याप्त निधि होने के कारण अनादरित हो गया था। पारिवादी बैंक मैनेजर ने अपने अधिवक्ता मोहम्मद शफीक खान के जरिए आरोपी को नोटिस भी भेजा था परंतु आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया था।
