भिलाई : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल आखिरकार करीब 6 माह बाद जेल से बाहर आ गए हैं। राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के द्वारा जमानत दिए जाने के बाद रायपुर केंद्रीय जेल से उन्हें रिहा किया गया। जेल से बाहर आने के बाद घर पदुम नगर भिलाई तीन पहुंचने पर पत्रकारों से भी उन्होंने बात की। अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए चैतन्य बघेल ने कहा कि मुझे न्याय मिलने में थोड़ी देर हुई, लेकिन अंततः न्याय मिल गया। मुझे संविधान पर पूरा भरोसा है। सत्य की जीत हुई है।

170 दिनों से जेल में बंद थे चैतन्य बघेल
बता दें कि चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को उनके जन्मदिन वाले दिन गिरफ्तार किया गया था। वे लगभग 170 दिनों से रायपुर के केंद्रीय कारागार में बंद थे। अब जब वे रिहा हुए हैं तो चैतन्य बघेल के बघेल बेटे का जन्मदिन है।
बघेल परिवार के लिए खुशी का दिन
राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इससे पहले, चैतन्य की रिहाई को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज बघेल परिवार के लिए बहुत खुशी का दिन है। पहले खुशी छेरछेरा पुत्री का दिन है। दूसरा पोते का जन्मदिन है और तीसरा बेटे की रिहाई है। तीनों हमारे लिए महत्वपूर्ण है खुशी का दिन है। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरी लड़ाई को लड़ा है आज मैं गाड़ी चला रहा था, साथ में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत साथ में बैठे हुए थे। कांग्रेस पार्टी के सारे कार्यकर्ता, नेता, पदाधिकारी व विधायक गण सभी लोग चैतन्य को आशीर्वाद देने आए हैं। सभी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत दी है। यह बहुत खुशी की बात है कि चैतन्य को जमानत मिल गई है।
जनता के दिल दिमाग से उतरी भाजपा बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चैतन्य बघेल की रिहाई के अवसर पर पदुम नगर भिलाई तीन में पहुंचने पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से पिछले 2 साल से कम कर रही है वह आम जनता के दिल एवं दिमाग दोनों से उतर गई है।
गांधी, नेहरु और पटेल का साहित्य सीखाता है संघर्ष
इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए चैतन्य बघेल ने कहा कि न्याय की जीत हुई है। पूरा मामला न्यायिक व्यवस्था का है इसलिए ज्यादा बोलना उचित नहीं है। जेल में रहते हुए महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरु एवं सरदार वल्लभभाई पटेल के साहित्य को पढ़ा। जिससे सीख मिली कि व्यक्ति को सदैव संघर्षरत रहना चाहिए उसी से सफलता प्राप्त होती है।
