Monday, March 16, 2026

वार्ड 53 में रोचक मुकाबला, भाजपा प्रत्याशी की जंग पूर्व भाजपाई से कांग्रेस प्रत्याशी सिर्फ रह गए दिखावे मे…

दुर्ग : न्यूज़ 36 : मतदान में अब मात्र 6 दिन बचे हैं ऐसे में राजनीतिक पार्टियों प्रचार में और जनसंपर्क में पूरी तरह व्यस्त है। वहीं शहर के कुछ ऐसे वार्ड हैं जहां पर कांग्रेस की स्थिति पहले से ही दयनीय थी और विवादित प्रत्याशियों को उतार कर अपनी स्थिति और खराब कर ली ऐसा ही मामला वार्ड नंबर 53 का है, जहां पर कांग्रेस ने एक ऐसे प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारा जो पूर्व के कांग्रेस के काल में एल्डरमैन पद मे रहते हुए दर्जनों शौचालय का संचालन करता रहा ठेकेदारी के काम में अपना पूरा समय व्यतीत करता रहा और कांग्रेस के लिए उसका पूरा केंद्र बिंदु सिर्फ वोरा बंगला था। पिछले बार जब कांग्रेस की सरकार थी तब अरुण वोरा के करीबी कहलाने वाले अंशुल पांडे काफी विवादित कांग्रेसी के रूप में शहर में चर्चा का विषय हुआ करते थे। नगर निगम के दस्तावेजों के आधार पर अंशुल पांडे के पास उनकी माता के नाम आधा दर्जन से भी ज्यादा शौचालय थे। वहीं ठेकेदारी में भी अंशुल पांडे का नाम लगातार आता रहा, जिसके कारण कांग्रेसी तात्कालिक विधायक से नाराज भी रहते थे। परंतु अपने लोगों का पक्ष लेने और शहर में अन्य कांग्रेसियों को दरकिनार करने की नीति का नतीजा यह निकला कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा की बड़ी हार हुई, बावजूद उसके कांग्रेस में कोई सुधार नहीं आया और एक बार फिर भाजपा के इस मजबूत गढ़ में कांग्रेस ने अंशुल पांडे को चुनावी मैदान में उतार दिया। जहां वर्तमान समय में अंशुल पाण्डेय प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों से काफी पीछे है वार्ड मे मुख्य मुकाबला विधायक गजेंद्र यादव के करीबी एवं वारिष्ठ भाजपा सदस्य विनायक नातू और पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सदस्य एवं पूर्व पार्षद सविता साहू चुनावी मैदान में है। भाजपा के इस गढ़ में जनता आज भी कांग्रेस की नीतियों का विरोध करते नजर आती है, पिछले बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, बावजूद इसके वार्ड नंबर 53 में भाजपा की जीत हुई। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसी स्थिति में भाजपा और पूर्व भाजपाई का मुकाबला इस वार्ड में नजर आ रहा है। वही अपनी उपस्थिति पोस्टर बैनर के जरिए दर्ज करने में अंशुल पांडे भी कहीं-कहीं नजर आते हैं, परंतु जमीनी स्तर पर वार्ड की जनता कांग्रेसी प्रत्याशी के विषय में ना के बराबर सोच रही है, ऐसे में इस वार्ड में मुकाबला रोचक नजर आ रहा है। मुकाबला किस और जाएगा किस प्रत्याशी की जीत होगी इसका फैसला 15 फरवरी को हो जाएगा। कब तक लोकतंत्र के पर्व का आनंद वार्ड के वासी भी भरपूर उठा रहे हैं। और 11 तारीख को मतदान केन्द्रो तक पहुंच कर अपना जनप्रतिनिधि चुनने का इंतजार कर रहे हैं

आप की राय

[yop_poll id="1"]

Latest news
Related news