हिंदी की सहजता में है अपनापन: डॉ. शर्मा
भिलाई : न्यूज़ 36 : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई में आचार्य डॉ.महेशचन्द्र शर्मा के मुख्य आतिथ्य एवं प्राचार्य श्रीमती वर्षा ठाकुर की अध्यक्षता में भाषा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माता सरस्वती की पूजा अर्चना से हुआ।
साहित्य और संस्कृति को ले कर देश-विदेश के अनेक सफल भ्रमण कर चुके आचार्य डॉक्टर महेशचंद्र शर्मा ने भारतीय भाषा और उनकी एकात्मता विषय पर सारगर्भित व्याख्यान देते हुए कहा कि सुब्रमण्यम भारती और भारतेन्दु बाबू हरिश्चन्द के व्यक्तित्व से भारतीय भाषा महोत्सव की प्रेरणा मिली है। सभी भारतीय भाषाओं की जड़ें संस्कृत में हैं। विश्व की अनेक भाषायें संस्कृत से प्रेरित है। संस्कृत, हिन्दी और छत्तीसगढ़ी से आज पूरी दुनिया परिचित है। हृदय को छूने वाली हिन्दी करोड़ों लोगों के दिल की भाषा है। इसकी सहजता और सरलता में अपनापन है।

नयी शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परम्परा की यही पृष्ठभूमि है। राष्ट्र और राष्ट्रभाषा की जड़ों से जुड़ने से होगा विकास और इसी में ही राष्ट्रीय एकता भी निहित है। विद्यालय की प्राचार्य एवं साहित्यकार वर्षा ठाकुर ने अध्यक्षीय उद्बोधन में भाषा क्या है इस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मन के भावों को,विचारों को शब्दों में कहना भाषा है। मनुष्य को ही भाषा का दुर्लभ वरदान मिला है। भाषायी विविधता में एकता हमारे देश भारत की विशेष विशेषता है। यहां प्रचलित कहावत कोस कोस में पानी बदले चार कोस में वाणी भाषायी विविधता के सौंदर्य को बताती। इस संदर्भ में उन्होंने रोचक संस्मरण सुनाया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए व्याख्याता श्रीमती प्रतिभा बुरहान ने कहा कि हिंदी व्यवस्थित और वैज्ञानिक भाषा है इसमें जैसे लिखते है वैसा ही उच्चारित करते हैं इसलिए हिंदी सीखना और सिखाना आसान है। शाला परिवार द्वारा मुख्य अतिथि डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा का शॉल और पुष्प पौधा देकर अभिनंदन किया गया। आभार प्रदर्शन निहारिका कर्महे ने किया। शालेय स्टॉफ बी मैथ्यू,एशमी बंजारे, प्रतिमा भारद्वाज, रूपेश्वरी साहू, संजय यादव,गौकरण यादव,रूखमणी विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंजलि कुमारी,कुसुम, आरुषि, सागर, आर्यन और चंदन आदि विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताया।
