Tuesday, September 1, 2026

एक दिन में 101 लंबित वारंट तामील, दुर्ग पुलिस ने वारंटियों को न्यायालय में पेश कर भेजा जेल

भिलाई : न्यूज़ 36 : लंबित न्यायालयीन वारंटों की तामिली को लेकर दुर्ग पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए एक ही दिन में 101 वारंट तामील किए। ACCU (एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट) के साथ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए वारंटियों की पतासाजी की और उन्हें अभिरक्षा में लेकर संबंधित न्यायालयों के समक्ष पेश किया। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद वारंटियों को जेल भेजा गया।

पुलिस के अनुसार यह विशेष अभियान 29 अगस्त को चलाया गया। अभियान का उद्देश्य लंबे समय से लंबित न्यायालयीन वारंटों की प्रभावी तामिली कर न्यायालयीन प्रक्रिया को गति देना था। पुलिस टीमों ने न्यायालयीन अभिलेखों, स्थानीय सूचना तंत्र और वारंटियों के संभावित ठिकानों की जानकारी के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी।

अभियान के दौरान मारपीट, चाकूबाजी, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम, एनआई एक्ट सहित विभिन्न अपराधों से संबंधित लंबित वारंटों की तामिली की गई। कार्रवाई में वारंटियों के नाम, पते, अपराध क्रमांक, धाराओं और संबंधित न्यायालयों की जानकारी का सत्यापन करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई।

दुर्ग थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 23 वारंट तामील

थाना-वार कार्रवाई में दूर्ग थाना क्षेत्र में 23 वारंट तामील किए गए। इसके अलावा छावनी में 15, मोहन नगर में 10, खुर्सीपार में 9, भिलाई भट्टी, पुरानी भिलाई और नेवई में 6-6, कुम्हारी में 3, भिलाई नगर में 3, पद्मनाभपुर में 4, सुपेला/स्मृति नगर में 4, उतई में 4, वैशाली नगर में 1, जामुल में 3 तथा नंदिनी नगर में 2 वारंट तामील किए गए।

पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान किसी प्रकार की जप्ती नहीं की गई। कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य न्यायालय द्वारा जारी लंबित वारंटों की तामिली कर संबंधित वारंटियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना था।

अभियान में ACCU सहित विभिन्न थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने वारंटियों की पतासाजी, सत्यापन और गिरफ्तारी के लिए संयुक्त रुप से कार्य किया। पुलिस ने कहा कि लंबित न्यायालयीन वारंटों की तामिली के लिए आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि न्यायालयीन प्रकरणों में न्यायालय के निर्देशों का पालन करें तथा वारंट अथवा अन्य वैधानिक प्रक्रिया से बचने का प्रयास न करें। किसी व्यक्ति के संबंध में न्यायालयीन वारंट या अपराध से जुड़ी जानकारी होने पर पुलिस को सूचना देकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

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