Sunday, December 4, 2022

सरकारी दफ्तरों में आज से फोन पर हेलो’ की जगह ‘वंदे मातरम’ की शुरुआत

मुंबई: आज 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से महाराष्ट्र सरकार अपने कार्यालयों में फोन पर ‘हेलो’ की बजाए ‘वंदे मातरम’ बोलने के अभियान की शुरुआत कर रही है. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सुधीर मुनगंटीवार वर्धा से इस अभियान की शुरुआत करेंगे. राज्य के सभी सरकारी, अर्धसरकारी कार्यालयों में कर्मचारी और अधिकारी फोन पर बातचीत की शुरुआत अब ‘हेलो’ की बजाए ‘वंदे मातरम’ से करेंगे.

महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को एक सरकारी संकल्प (Government Resolution) जारी किया, जिसमें सरकारी और सरकार द्वारा वित्त पोषित संस्थानों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए नागरिकों या सरकारी अधिकारियों का टेलीफोन या मोबाइल फोन कॉल रिसीव करते समय ‘हेलो’ के बजाय ‘वंदे मातरम’ का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया.

महाराष्ट्र सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी जीआर में कहा गया है कि अधिकारी उनसे मिलने आने वाले लोगों को भी अभिवादन के तौर पर ‘वंदे मातरम’ का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें जागरूकता पैदा करें. जीआर में कहा गया है कि ‘हेलो’ शब्द पश्चिमी संस्कृति की नकल है और ‘बिना किसी विशिष्ट अर्थ के अभिवादन करने का तरीका है. यह शब्द कोई स्नेह पैदा नहीं करता है.’ हाल ही में एकनाथ शिंदे की कैबिनेट में शामिल होने के तुरंत बाद महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने यह प्रस्ताव पेश किया था. बाद में उन्होंने पीछे हटते हुए कहा था कि सरकारी कार्यालयों में अभिवादन के लिए राष्ट्रवाद को दर्शाने वाले किसी भी समकक्ष शब्द का इस्तेमाल किया जा सकता है.

वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दलों और राजनीतिक पार्टियों ने सरकार के इस आदेश पर आपत्ति जताई है. कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि सिर्फ ‘वंदे मातरम’ बोलने से किसी में देशभक्ति की भावना नहीं जागती. वहीं, एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, ‘ये क्या नया नाटक है, इससे रोजगार मिलेगा क्या? यह बीजेपी का जरूरी मुद्दों जैसे कि बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान हटाने का तरीका है.’ सपा नेता अबू आसिम आजमी ने भी इस आदेश का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर ऐसा आदेश निकाला है, ताकि हिंदू-मुस्लिम के बीच में दरार आए. अबू आसिम ने कहा कि हम देश से प्रेम करते हैं, लेकिन केवल अल्ला के सामने सिर झुकाते हैं. हम कभी भी ‘वंदे मातरम’ नहीं बोलेंगे.

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