Thursday, September 10, 2026

शिक्षकों का फूटा गुस्सा, नियमितीकरण के लिए 1600 शिक्षकों ने किया सद्बुद्धि हवन

पूर्व विधायक वोरा ने दिया समर्थन

दुर्ग : न्यूज़ 36 : भाजपा सरकार की बेरुखी से आक्रोशित 1600 प्रतिनियुक्ति अतिथि शिक्षकों (विद्यामितान) का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। अपनी जायज़ मांगों को लेकर ‘आर-पार’ की लड़ाई लड़ रहे शिक्षकों के अनिश्चितकालीन आंदोलन को धार देने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अरुण वोरा खुद धरना स्थल पहुंचे। सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

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आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अरुण वोरा ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक केवल खोखले आश्वासन और विफल घोषणाएं की हैं। धरातल पर शिक्षकों के लिए कुछ नहीं बदला। वोरा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा

1600 शिक्षकों का भविष्य अधर में लटकाकर सरकार चैन की नींद नहीं सो सकती। प्रशासन को अपनी संवेदनहीनता छोड़नी होगी, वरना यह चिंगारी पूरे प्रदेश में फैलेगी। सरकार को हर हाल में इन लंबित मांगों को तुरंत पूरा करना होगा।”

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सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए महायज्ञ

लगातार मिल रहे धोखे और विफल वादों से तंग आकर आक्रोशित शिक्षकों ने धरना स्थल पर ही ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया, जिसमें अरुण वोरा भी शामिल हुए। शिक्षकों ने तीखे लहजे में कहा कि यह यज्ञ मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की उस ‘सोयी हुई चेतना’ को जगाने के लिए है, जो 1600 परिवारों के दर्द को देखने में पूरी तरह नाकाम रही है।

शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज़ मांगों पर तत्काल और सकारात्मक लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल और उग्र रूप धारण करेगी।

 

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