भिलाई : न्यूज़ 36 : रथयात्रा महोत्सव के तहत भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के मंदिर लौटने के बाद शनिवार को उनका भव्य स्वर्ण वेश (सुनाबेशा) कराया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ पर विराजमान भगवान के दिव्य स्वरुप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
सुबह भगवान का विधिवत स्नान कराया गया। इसके बाद उन्हें स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत किया गया। भगवान को सोने से निर्मित हाथ, पैर, पंजे, मुकुट और अन्य स्वर्ण आभूषण धारण कराए गए। साथ ही सुगंधित फूलों की मालाओं और पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया गया।
मंदिर समिति की ओर से भगवान को गोपाल बल्लभभोग में आम, केला, पका कटहल, सेब, सुपारी, अनानास सहित विभिन्न फलों का भोग अर्पित किया गया। वहीं मध्याह्न भोग में कोरा, बलभ, मालपुआ, खई, गजा, काकरा और मंडुआ का नैवेद्य लगाया गया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने श्रद्धा और आनंद के साथ ग्रहण किया।
आयोजन समिति के अनुसार, भगवान अभी तीन दिनों तक रथ पर ही विराजमान रहेंगे। इस दौरान देवशयनी एकादशी और अधर पाना की परंपराएं भी रथ पर ही संपन्न होंगी। इसके बाद 27 जुलाई को शाम 5 बजे नीलाद्री विजय के साथ भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का श्री मंदिर में पुनः प्रवेश कराया जाएगा।
इस धार्मिक आयोजन में पंडित तुषार कान्त महापात्र, समिति के अध्यक्ष दिलीप महंती, महासचिव अरुण पंडा, पर्व प्रभारी संजय साहू, रविंद्र साहू, शरत बिस्वाल, जितेंद्र भूइंया, सन्यास साहू, सुभाष साहू, रविंद्र मुनी, प्रशांत सामल, शशिभूषण महंती, हरि रावत, प्रभात त्रिपाठी, संजीव भूइंया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
