भिलाई : न्यूज 36 : साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए खपाने वाले म्यूल खाताधारकों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर और सुपेला थाना क्षेत्रों से 6 बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अन्य लोगों को उपलब्ध कराए थे।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध एवं म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई थाना सुपेला, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की। बैंक खातों के विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में संबंधित खातों के माध्यम से लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम के लेनदेन का पता चला।
ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल हुए खाते
साइबर अपराधों की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम के विभिन्न बैंक खातों में हुए लेनदेन का विश्लेषण किया। जांच में भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर और सुपेला थाना क्षेत्रों के कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किए जाने की जानकारी सामने आई।
जांच में यह भी पता चला कि खाताधारकों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर खपाया जाता था।
तीन थानों में दर्ज मामलों में कार्रवाई
पुलिस के अनुसार 8 सितंबर को थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 679/2026 में धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस के तहत 3 आरोपियों, थाना भिलाई भट्ठी के अपराध क्रमांक 63/2026 में इन्हीं धाराओं के तहत 1 आरोपी तथा थाना भिलाई नगर के अपराध क्रमांक 388/2026 में 2 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मामले में मोहन राम (50), घासीदास नगर जामुल; गजेन्द्र कुमार साहू (23), हिन्द नगर रिसाली; भीष्म लाल भारती (27), सांकरा कुम्हारी; ओम प्रकाश यादव (28), चिखली जेवरा सिरसा; देवरतन टंडन (39), खुर्सीपार; और लोकनाथ वर्मा (29), सुपेला को कार्रवाई के दायरे में लिया है।
बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंक खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग लेनदेन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अब इन खातों से जुड़े अन्य लोगों और साइबर अपराधियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
ऐसे काम करता है म्यूल अकाउंट का नेटवर्क
साइबर अपराधी कमीशन का लालच देकर लोगों के बैंक खाते और बैंकिंग दस्तावेज हासिल करते हैं। इसके बाद इन खातों में साइबर ठगी की रकम जमा कर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता है। इस तरह ठगी की रकम को कई खातों के जरिए घुमाकर उसके स्रोत को छिपाने की कोशिश की जाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपना बैंक खाता या बैंकिंग दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराना खाताधारक के लिए भी कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। यदि किसी व्यक्ति को संदेह है कि उसके बैंक खाते या बैंकिंग दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर पुलिस को सूचना दें और शिकायत की प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
