Tuesday, February 27, 2024

JDU चीफ ललन सिंह के PM मोदी पर बिगड़े बोल, दिया आपत्तिजनक बयान

Bihar के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह (Lalan Singh) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर आपत्तिजनक बयान दिया है. ललन सिंह ने कहा कि 2014 में पीएम मोदी ने कहा कि हम अतिपिछड़ा हैं. पीएम मोदी डुप्लीकेट हैं और घूम-घूम कर खुद को अतिपिछड़ा बता रहे हैं.

पीएम मोदी को 5 साल में हिसाब-किताब देना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी कभी काम की चर्चा नहीं करते हैं. पीएम मोदी के 10 साल में जितना रोजगार खत्म हो गया उतना पहले कभी नहीं हुआ. बीजेपी ने ललन सिंह के पीएम मोदी पर दिए गए इस आपत्तिजनक बयान का कड़ा विरोध किया है और इसे अतिपिछड़ों का अपमान बताया है.

पीएम मोदी पर ललन सिंह का बयान

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि अब महंगाई और रोजगार पर चर्चा नहीं होती है. चर्चा चीता पर होती है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर बार जनता के बीच जाकर हिसाब-किताब देते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसा साहस किसी में नहीं है. पीएम ने कहा था कि हर गरीब को 15 लाख रुपये देंगे और 2 करोड़ रोजगार देंगे. उनके पास जनता को बताने के लिए कुछ नहीं है.

बीजेपी को बताया आरक्षण विरोधी

ललन सिंह ने कहा कि बीजेपी आरक्षण विरोधी है. पहली बार कर्पूरी ठाकुर ने 1978 में अतिपिछड़ा को आरक्षण दिया. 2005 से लगातार नीतीश कुमार कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं. बीजेपी को आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है. नीतीश कुमार का पहला फैसला ‘अतिपिछड़ा समाज को 20% आरक्षण पंचायती राज व्यवस्था में देंगे’ था. साल 2007 में नगर निकाय चुनाव में आरक्षण दिया. नीतीश कुमार के रहते अतिपिछड़ों को कोई समस्या नहीं होगी.

सुशील मोदी ने किया पलटवार

वहीं, बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने ललन सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि पीएम की जाति पर ललन सिंह की टिप्पणी अतिपिछड़ों का अपमान है, जो 2014 में दो सीट पर सिमटे थे, वे 2024 में जीरो पर आउट होंगे. पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘डुप्लीकेट पिछड़ा’ जैसे ओछे शब्द बोलकर जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने अतिपिछड़ों का अपमान किया है. उनका यह बयान पार्टी की पिछड़ा-विरोधी सामंती मानसिकता का प्रमाण है.

आप की राय

[yop_poll id="1"]

Latest news
Related news