Thursday, December 1, 2022

जय छठी मैया , पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी Chhath Puja की शुभकामनाए , देता है स्वच्छता का संदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवसियों को संबोधित कर रहे हैं. यह मन की बात का 94वां एपिसोड है. पीएम मोदी ने देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं प्रेषित कीं. उन्होंने कहा कि छठ पूजा में सूर्य पूजा प्रकृति के साथ हमारी संस्कृति के गहरे संबंध का प्रमाण है. छठ एक भारत श्रेष्ठ भारत का भी उदाहरण है, जो देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशों में भी मनाया जाता है. यह पर्व स्वच्छता पर भी विशेष जोर देता है. छठ त्योहार के आगमन पर, सड़कों, नदियों, घाटों और पानी के विभिन्न स्रोतों को सामुदायिक स्तर पर साफ किया जाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा, ‘छठ अब दिल्ली, मुंबई और गुजरात के कई हिस्सों के साथ महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है. समय बीतने के साथ, लगभग पूरे गुजरात में छठ पूजा के रंग घुलने लगे हैं. अब तो विदेशों में भी भारतीय समुदाय के लोग छठ पूजा मनाने लगे हैं. हम विदेशों में मनाई जा रही छठ पूजा की ऐसी भव्य तस्वीरें देखते हैं, जिसका अर्थ है कि भारतीय संस्कृति और इसकी आस्था दुनिया के हर कोने में अपनी छाप छोड़ रही है.’ उन्होंने सोलर एनर्जी के बारे में बात करते हुए कहा, हमने अभी-अभी पवित्र छठ पूजा, भगवान सूर्य की पूजा के बारे में बात की है. इसलिए आज सूर्य की पूजा के साथ-साथ उनके वरदान की भी चर्चा क्यों न करें. सूर्य देव का यह आशीर्वाद है- ‘सौर ऊर्जा’.

पीएम ने कहा, भारत सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहा है और हमारे देश के गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन को बदल रहा है. उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में कांचीपुरम में एक किसान हैं, थिरु के. एजिलॉन. उन्होंने ‘पीएम कुसुम योजना’ का लाभ उठाया और अपने खेत में 10 हॉर्स पावर का सोलर पंपसेट लगवाया. अब उन्हें अपने खेत के लिए बिजली पर कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता. मोढेरा सूर्य ग्राम के अधिकांश घरों में सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है. अब वहां के कई घरों में महीने के अंत में बिजली का बिल नहीं आता है. इसके बजाय, बिजली से होने वाली आय का चेक मिलता है.

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा- “लोक आस्था के 4 दिवसीय महापर्व छठ के अवसर पर शुभकामनाएं। यह आत्मानुशासन का पर्व है। लोग शुद्ध अन्तःकरण एवं निर्मल मन से अस्ताचल और उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। भगवान भास्कर से राज्य की प्रगति, सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना है।”

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