भिलाई : न्यूज़ 36 : भिलाई के एकमात्र बड़े सरकारी अस्पताल सुपेला में रोज अलग-अलग बीमारियों के औसतन 600 मरीज पहुंचते हैं। इनमें लगभग 300 को करीब 100 प्रकार की अलग-अलग खून व यूरीन जांच की जरूरत होती है। लेकिन वर्तमान में 111 प्रकार की जांच की जगह मात्र 37 जांच हो रही है। कारण यह कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय सभी जांच के लिए मोक्षित कार्पोरेशन से खरीदी गई सभी मशीनें घपला पकड़े जाने के बाद सप्लायर ने लॉक कर दी। इस वजह से पुरानी मैनुअल मशीनें और पांच स्टाफ से जैसे-तैसे काम किया जा रहा था।
अब वर्तमान बीजेपी सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जांच, स्टाफ, रिजेंट आदि की आपूर्ति की जिम्मेदारी सरकारी कंपनी एचएलएल को दे दी। कंपनी को अप्रैल से सभी अस्पतालों में व्यवस्था सुदृढ कर देनी थी। लेकिन आधा जुलाई बीतने वाला है, सुपेला में एचएलएल की तरफ से 10 दिन पहले कुछ मशीनें भेजी गई हैं। अस्पताल प्रभारी ने उनको सेटअप के लिए पीछे बने नए भवन में एक कक्ष अलॉट भी कर दिया है। लेकिन सभी जांच शुरू नहीं हो पाई है। समझौते के अनुसार सिविल अस्पतालों में एचएलएल को 111 प्रकार की जांच सुविधा देनी है। लेकिन वह नहीं मिल पा रही है।
