Thursday, September 24, 2026

स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य संघ की शासन से की  मांग

टैबलेट और उपकरणों के खराब होने से स्वास्थ्य विभाग के अमले को हो रही परेशानी, पुराने सूचकांकों के आधार पर लक्ष्य देने का विरोध

भिलाई : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैयद असलम ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया और संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के समक्ष स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं को उठाया है। उन्होंने मांग की है कि प्रदेश के सभी जिलों में संचालित हो रहे विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मैदानी कठिनाइयों का तुरंत निराकरण किया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में एनडीसी (गैर संचारी रोग), टीबी मुक्त भारत अभियान, एलसीडीसी कुष्ठ उन्मूलन अभियान, आरसीएच 2.0 और अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों के तहत स्वास्थ्य कर्मचारियों को हितग्राहियों की स्क्रीनिंग करने, ऑनलाइन एंट्री करने, गैर संचारी रोग कार्यक्रम में रोगी सत्यापन, फॉलो-अप, ट्रीटमेंट और उसकी एंट्री जैसी तमाम प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।

उपकरणों की खराबी

महामंत्री सैयद असलम ने बताया कि गैर संचारी रोग कार्यक्रम के शुरुआत में विभाग द्वारा जो टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे, वे उपयोग के दौरान अब लगभग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई टैबलेट्स की स्क्रीन और चार्जिंग सिस्टम खराब हो गए हैं, तो कई में बैटरी बैकअप की समस्या है। इसके चलते फील्ड में हितग्राहियों का फोटो अपलोड करना और स्क्रीनिंग करना बड़ी चुनौती बन गया है। गैर संचारी रोग जांच के लिए दिए गए बीपी इंस्ट्रूमेंट और ग्लूकोमीटर खराब हो चुके हैं। अधिकांश जगहों पर ग्लूको स्ट्रिप उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मैदानी अमला तकनीकी बाधाओं से जूझ रहा है।

पुराने सूचकांक पर लक्ष्य निर्धारण

महामंत्री सैयद असलम ने बताया कि एएनसी पंजीकरण का जो लक्ष्य दिया जा रहा है, वह वर्षों पुराने सूचकांक पर आधारित है। स्वास्थ्य अमले का कहना है कि निरंतर नसबंदी ऑपरेशन और फैमिली प्लानिंग के सफल उपयोग से गर्भधारण दर अब घटकर 18 प्रति हजार हो गई है, लेकिन शासन अभी भी 24 प्रति हजार को आधार मानकर लक्ष्य तय कर रहा है। इसी प्रकार, नवजात शिशु जन्म दर में भी कमी आई है क्योंकि लोगों में शिक्षा और छोटे परिवार की अवधारणा तेजी से आ रही है। पुराने मानकों के आधार पर लक्ष्य मिलने से मैदानी अमले के लिए इन्हें पूरा करना पेचीदा बनता जा रहा है।

सभी विषयों की समीक्षा करे सरकार, उठी मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संरक्षक ओ.पी. शर्मा, प्रांताध्यक्ष अनिल पांडेय और प्रदेश महामंत्री सैयद असलम ने शासन से मांग की है कि एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर मैदानी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ इन सभी विषयों की समीक्षा की जाए। साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और आधुनिक उपकरण तुरंत उपलब्ध कराए जाएं, ताकि स्वास्थ्य कर्मी जनता तक सुगमता से सेवाएं पहुंचा सकें और इन योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ जनमानस को मिल सके।

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