भिलाई : न्यूज़ 36 : महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से गोल्डन एम्पथी (जीई) फाउंडेशन ने बापू नगर, खुर्सीपार में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अंतर्गत जागरूकता एवं शैक्षणिक सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना तथा समाज में बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सकारात्मक संदेश देना था।
इस दौरान विद्यालय में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं को नोटबुक एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। साथ ही उन्हें नियमित रूप से विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने जीवन के लक्ष्यों को निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक कंचन महतो ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने तथा निरंतर अध्ययन के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जीई फाउंडेशन के संस्थापक प्रदीप पिल्लई ने अपने उद्बोधन में कहा कि “शिक्षा ही स्त्री का सबसे बड़ा धन है।” उन्होंने कहा कि धन-संपत्ति समय के साथ समाप्त हो सकती है, लेकिन शिक्षा ऐसा अमूल्य धन है जो जीवन भर व्यक्ति के साथ रहता है और उसे आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी तथा सम्मानजनक जीवन जीने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि जीई फाउंडेशन शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम में जीई फाउंडेशन की ओर से सुभागा सुरेश, मृदुल शुक्ला, सोनम सागर, प्रकाश देशमुख एवं अजीत सिंह उपस्थित रहे और सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भारती यादव एवं गीता निषाद, सहायिकाएं गीता सिंह, संतोषी सिंह, प्रभा कुशवाहा, एस. सावित्री एवं सविता पाल तथा मितानिन रत्ना एवं पद्मा की विशेष उपस्थिति रही। सभी ने बालिकाओं को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने तथा प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
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