भावुकता भरे माहौल में दी विदाई, सोसाइटी से अपने लगाव को बताया रिटायर कर्मियों ने
भिलाई : न्यूज़ 36 : बीएसपी एम्पलाइज कोऑपरेटिव एंड वेलफेयर सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-4 ने एक गरिमामय समारोह में माह अगस्त में भिलाई स्टील प्लांट की सेवानिवृत्त हुए अपने सदस्य कर्मियों को ससम्मान विदाई दी। इस दौरान भावुकता भरे माहौल में रिटायर कर्मियों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की। कुछ कर्मियों ने अपनी कविता भी सुनाई।
सभी रिटायर सदस्यों का स्वागत करते हुए सोसाइटी के अध्यक्ष पूरन लाल देवांगन ने सम्मान पत्र, मिठाई, श्रीफल व अंतिम भुगतान का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में अध्यक्ष पूरनलाल देवांगन ने कहा कि सोसाइटी के प्रति सदस्यों की भावनाएं ही हमारे कार्यों का प्रतिफल है।
इस दौरान रिटायर सदस्यों ने भी अपनी बातें रखीं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्त कर्मियों में मशीन असेंबलिंग एंड रि-इंजीनियरिंग शाप (मार्स-1) से महेश कुमार साहू ने कहा कि जब भी जरूरत पड़ी सोसाइटी से हमेशा तत्काल लोन मंजूर हुआ और मिला। यहां तक कि उन्हें अपने विवाह के लिए भी लोन लेना पड़ा। एचआरडीसी से मनराखन लाल वर्मा ने कहा- सेक्टर-4 सोसाइटी ने हमेशा अपने सदस्यों से सतत संपर्क रखा। इस वजह से आमसभा हो या लाभांश वितरण, हमेशा समय पर सदस्यों को संदेश मिलता रहा। रिफ्रैक्ट्री मटेरियल प्लांट-1 से के के तिर्की ने कहा कि सोसाइटी सेक्टर-4 का वर्क कल्चर बहुत अच्छा है। जरूरत के वक्त सोसाइटी का सहयोग हमेशा रहा है।
रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग (आरईडी-1) से टी. जानकी राम ने कहा- अपने पारदर्शिता पूर्ण कामकाज की वजह से सेक्टर-4 सोसाइटी हमेशा अव्वल रही है। इंजीनियरिंग डिजाइन एंड ड्राइंग से कमलेश कुमार चोपड़ा ने कहा कि सेक्टर-4 सोसाइटी ने सदस्यता लेने से अब रिटायरमेंट के आखिरी माह तक हर कदम पर साथ दिया। अब आगे पीढ़ी इसे इसी तरह चलाएगी। रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल से दिनेश कुमार दुबे ने कहा कि पूरे सेवाकाल में सोसाइटी के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों का सहयोग सकारात्मक रहा। ट्रांसपोर्ट एंड डीजल आर्गेनाइजेशन से पृथ्वीराज गणवीर ने कहा कि शुरुआत में अधिकतम लोन 10 हजार रुपए तक मिलता था अब तो 7 लाख तक पहुंच गया है। सोसाइटी की कार्यशैली हमेशा प्रभावित करती है। रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल से गजानंद ने कहा कि सोसाइटी की कार्यप्रणाली ने हमेशा प्रभावित किया, यहां बहुत कम समय में सारी कागजी कार्यवाही पूरी हो जाती है। रिसर्च एंड कंट्रोल लैब से सुरेश कुमार ने सोसाइटी के कामकाज की सराहना करते हुए अपनी स्वरचित कविता सुनाई।
ट्रांसपोर्ट एंड डीजल आर्गेनाइजेशन से राजेश्वर प्रसाद मिश्रा ने कहा- सोसायटी कर्मियों का आत्मीय व्यवहार हमेशा उनकी स्मृति में रहेगा। मशीन असेंबलिंग एंड रि-इंजीनियरिंग शाप (मार्स-1) से वीरेंद्र कुमार,पुलक मजूमदार ने कहा यह सोसाइटी मशीन शॉप-1 की देन है, इसलिए हमारे शाॅप मे एक भी ऐसा कर्मी नहीं जो सोसाइटी का सदस्य न हो।
रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल से नान सांई भगत ने कहा- सोसाइटी ने हमेशा एक सहयोगी की भूमिका निभाई।बार एंड राड मिल से गजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि पूरे सेवाकाल में यहां का अनुभव हमेशा बेहतर रहा। रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग (आरईडी-1) से लालता प्रसाद दिवाकर ने कहा- सोसाइटी के लोन से ही उनके दोनों बच्चे पढ़ लिखकर जॉब में लग गए, यही के लोन से घर बनाया।
समारोह में मशीन असेंबलिंग एंड रि-इंजीनियरिंग शाप (मार्स-1) से वीरेंद्र कुमार,हीरा लाल सोनी,जल प्रबंधन विभाग से यू. एस. ठाकुर, आर. के. पैकरा, कोक ओवन एंड कोल केमिकल विभाग से एम. अब्राहम, जगदीश चंद्रपूरे, गणेश राम साहू, सिंटर प्लांट-3 से , लटूरी सिंह सावेरिया, पंच राम रावटे, ट्रांसपोर्ट एंड डीजल आर्गेनाइजेशन से नेतराम, विनोद कुमार सोरी, रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग (आरईडी-1) से रमा शंकर ,रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल से हराधन धर, जी. बलैया, रिसर्च एंड कंट्रोल लैब से शरद कुमार ध्रुवे, हैवी मेंटनेंस (इक्विपमेंट्स) से मनमोहन सिंह यादव, सिटंर प्लांट-2 से शाम सिंह कोमरे, स्टील मेल्टिंग शाप-2 से अशोक कुमार गुप्ता, एआर शाप से मनसुख घृतलहरे, इंस्ट्रूमेंटेशन (ओ) से राणा प्रताप सिंह,वसंत राव मेश्राम,’
प्लेट मिल से नोहरी राम, सीएंडआईटी से कुलभूषण भटनागर, मयंक कुमार कर्महे, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 से संजीबा कुमार मिश्रा, फाइनेंस एंड अकाउंट्स से गगन गोयल, मर्चेंट मिल से सुरेश एन.टी, पीईएम से रुद्र प्रताप सिंह और टीईडी (सिविल) से अरुण कुमार चौधरी भी शामिल हुए।
इस अवसर पर सोसाइटी परिवार से उपाध्यक्ष असमां परवीन, अशोक राठौर, संचालक मंडल सदस्य विपिन बंछोर, सतानंद चंद्राकर, शशिभूषण ठाकुर और नितिशा साहू तथा सोसायटी के कर्मियों में मैनेजर सुदीप बनर्जी, पिजुष कर, नारायण साहू एवं सुरेश कुमार सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे। मंच संचालन संचालक वेद प्रकाश सूर्यवंशी और आभार प्रदर्शन संचालक पुरुषोत्तम सिंह कंवर ने किया।
