शासकीय वी.वाई.टी. पीजी कॉलेज के जूलॉजी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का दूसरा दिन
दुर्ग : न्यूज़ 36 : शासकीय वी.वाई.टी. पी.जी. स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के जूलॉजी विभाग द्वारा आईक्यूएसी (IQAC) एवं आईआईसी (IIC) के संयुक्त तत्वावधान तथा रूसा (RUSA) के प्रायोजन में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला “डेटा विश्लेषण और बौद्धिक संपदा अधिकार”के दूसरे दिन दो विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। ये सत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आधुनिक उपयोग एवं साइबर सुरक्षा जैसे समसामयिक विषयों पर केंद्रित रहे।
प्रथम सत्र : ‘एआई एज’ और शोध में डेटा विश्लेषण
कार्यशाला के प्रथम सत्र में “एआई एज” विषय पर मुख्य वक्ता संजय आशाटकर (मुख्य प्रबंधक, आईबीएस, तेलंगाना) ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने शोध एवं डेटा विश्लेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका तथा आधुनिक एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को एआई की संभावनाओं, शोध में इसके अनुप्रयोगों तथा डेटा विश्लेषण को प्रभावी बनाने के तरीकों से विस्तारपूर्वक परिचित कराया।
द्वितीय सत्र : साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा
द्वितीय सत्र में साइबर सुरक्षा विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र में रेंज साइबर थाना, दुर्ग के टाउन इंस्पेक्टर श्री पुष्पेंद्र भट्ट एवं सहायक उप निरीक्षक डॉ. यशवंत श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों व शोधार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।
विशेषज्ञों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, साइबर बुलिंग, फर्जी लिंक तथा व्यक्तिगत व डिजिटल डेटा की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। उन्होंने डिजिटल लेन-देन में सतर्कता बरतने और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल उचित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने के महत्व पर विशेष जोर दिया।
संवादात्मक और ज्ञानवर्धक रहे सत्र
दोनों ही सत्र अत्यधिक संवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक रहे, जिनमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। वास्तविक जीवन के उदाहरणों और व्यावहारिक जानकारियों के माध्यम से एआई के प्रभावी उपयोग, साइबर जागरूकता, डिजिटल जिम्मेदारी तथा सुरक्षित तकनीकी व्यवहार के महत्व को स्पष्ट किया गया।
सफल आयोजन और समन्वय
सत्र का संचालन एवं समन्वय शोधार्थी पूजा यादव द्वारा किया गया, जबकि औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक अनुराग मिश्रा एवं सुदेश साहू ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला के सुचारू संचालन में जूलॉजी विभाग की डॉ. नीरू अग्रवाल, डॉ. मौसमी डे एवं डॉ. अलका मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा जूलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला संयोजक डॉ. दिव्या के. मिंज व उनकी विभागीय टीम की देखरेख में कार्यशाला का आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है।
तीसरे दिन ‘डेटा विश्लेषण’ पर होगा सत्र
प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में कार्यशाला का यह दूसरा दिन अत्यंत सार्थक रहा। कार्यशाला का तीसरा एवं अंतिम दिवस 19 सितंबर को “डेटा विश्लेषण” विषय पर आयोजित किया जाएगा।
