20 जुलाई तक पुलिस रिमांड
भिलाई : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) में कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया, जबकि 18 जुलाई को न्यायालय में पेश करने के बाद 20 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
ईओडब्ल्यू-एसीबी के अनुसार, यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7(बी), 8 तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं 467, 468, 471 और 120-बी के अंतर्गत की गई है।
जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई थी, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर ने तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त कर इसकी सूचना राज्य शासन को भेजी थी। इसके आधार पर ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरु की।
विवेचना में सामने आया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, चार अतिरिक्त दिवस, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर विभिन्न मैनपावर एजेंसियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक का कथित अवैध भुगतान किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि इस राशि का बड़ा हिस्सा कथित रूप से सिंडिकेट द्वारा नकद कमीशन के रूप में प्राप्त किया गया।
इस मामले में पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। अब तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को पूछताछ में और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।
ईओडब्ल्यू-एसीबी ने बताया कि मामले की अग्रिम विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
