Sunday, May 19, 2024

आयुक्त ने किया बोरसी एसएलआरएम सेंटर का निरीक्षण, कचरों के निष्पादन प्रक्रिया में तेजी लाने दिए निर्देश

 

निगम ने की नागरिकों से अपील: गीला, सूखा कचरा अलग-अलग दें,गीला और सूखा कचरा अलग अलग नही देने पर होगी अर्थदंड की कार्रवाही

दुर्ग :न्यूज़ 36 : नगर पालिक निगम सीमान्तर्गत शहर में स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन द्वारा शहर में और भी विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। बुधवार सुबह आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने वार्ड 52 बोरसी महावीर खेल मैदान के पास जीरो वेस्ट सेंटर में साफ सफाई एवं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली,पीआईयू राहुल,सुपर वाइजर आशीष बघेल मौजूद थे।

आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर देने हेतु आम नागरिकों से लगातार अपील की जा रही है साथ ही उल्लंघन करने पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू किया जाएगा। निगम द्वारा आम नागरिकों के घरों से गीला और सूखा कचरा अलग – अलग लेने अभियान शुरू किया जाएगा। दुकानदारों व घर के गीला सूखा कचरा लेने में लापरवाही करने पर होगी कार्रवाही। ये लोग आम नागरिकों के घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लेने के कार्य में लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। समझाइश के बाद भी नहीं मानने पर इनके खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान एसएलआरएम सेंटर में एकत्रित कर कचरों का पृथक्कीकण के बाद सूखे कचरे से प्राप्त पॉलीथीन को बेलिंग मशीन से बंडल बनाकर निष्पादन हेतु भेजा जा रहा है।इसी तरह गीले कचरो का पृथक्कीकरण के बाद एसएलआरएम सेंटर मे इसे खाद के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।इस कार्य में तेजी आने के बाद अब निगम क्षेत्र में पॉलीथीन के कचरों का ढेर भी अब नजर नहीं आता।गौरतलब है कि नगर निगम प्रशासन द्वारा संचालित एसएलआरएम सेंटर में संपूर्ण निगम क्षेत्र से भारी मात्रा में निकलने वाले कचरे को वहां एकत्रित करने के बाद सभी तरह के गीले एवं सूखे कचरे को अलग अलग पृथक किया जाता है।

गीले कचरों को पृथक करने के बाद जैविक खाद बनाया जाता है, इसी प्रकार लोहा,टीना, प्लास्टिक, कांच, लकड़ी, व कपड़े के सूखे कचरे को पृथक किए जाने के बाद रिसायकल की प्रक्रिया के लिए भेजा जा रहा है।आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने कचरा सेग्रीकेशन कार्य की पूरी जानकारी, कर्मचारियों की संख्या और उनकी उपस्थिति तथा कार्य का निरीक्षण किया।एसएलआरएम सेंटर में एकत्रित कर कचरों का पृथकीकरण के बाद सूखे कचरे से प्राप्त पॉलीथीन को बेलिंग मशीन से बंडल बनाकर निष्पादन हेतु भेजा जा रहा है।इसी तरह गीले कचरो का पृथकीकरण के बाद एसएलआरएम सेंटर में सोनहा खाद नामक खाद बनाया जा रहा है। इसे खाद के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इस कार्य में तेजी आने के बाद अब निगम क्षेत्र में पॉलीथीन के कचरों का ढेर भी अब नजर नहीं आता। निगम आयुक्त ने शहर के सभी एसएलआरएम सेंटर में कचरे के पृथकीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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