Tuesday, November 29, 2022

अनुकंपा नियुक्ति एक सुविधा, नही ये अधिकार : सुप्रीमकोर्ट

एक महत्वपूर्ण निर्णय में आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति एक सुविधा है, अधिकार नहीं। इस तरह रोजगार प्रदान करने का उद्देश्य प्रभावित परिवार को अचानक आए संकट से उबरने में सक्षम बनाना होता है।

हाईकोर्ट का बदला फैसला
शीर्ष अदालत ने पिछले हफ्ते केरल हाई कोर्ट की खंडपीठ के उस फैसले को खारिज कर दिया था जिसमें उसने एकल पीठ के फैसले को सही ठहराया था।

हाई कोर्ट की एकल पीठ ने दिया था निर्देश
हाई कोर्ट की एकल पीठ ने फर्टिलाइजर्स एंड कैमिकल्स ट्रावनकोर लिमिटेड और अन्य को एक महिला को अनुकंपा के आधार पर नियुक्त करने का निर्देश दिया था। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि महिला के पिता फर्टिलाइजर्स एंड कैमिकल्स ट्रावनकोर लिमिटेड में कार्यरत थे और अप्रैल, 1995 में ड्यूटी के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।

कर्मचारी की मृत्यु के समय नाबालिग थी उसकी बेटी
उनकी मृत्यु के समय उनकी पत्नी सेवारत थीं इसलिए अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पाने की अधिकारी नहीं थीं। पीठ ने कहा, ‘कर्मचारी की मृत्यु के 24 वर्ष बाद प्रतिवादी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की अधिकारी नहीं होगी।’ शीर्ष अदालत ने 30 सितंबर के अपने फैसले में कहा 1995 में जब कर्मचारी की मृत्यु हुई थी तो उसकी पुत्री नाबालिग थी।

14 साल बाद अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए दिया था आवेदन
बालिग होने पर उसने पिता की मृत्यु के करीब 14 वर्ष बाद अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था। हाई कोर्ट के इस साल मार्च के फैसले के विरुद्ध फर्टिलाइजर्स एंड कैमिकल्स ट्रावनकोर लिमिटेड और अन्य की अपील मंजूर करते हुए शीर्ष कोर्ट ने कहा कि अब अगर यह नियुक्ति की गई तो यह अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के उद्देश्य के विरुद्ध होगा।

आप की राय

क्या सड़क हादसों को रोकने के लिए नियम और सख्त किए जाने चाहिए?
×
Latest news
Related news