दुर्ग : दुर्ग नगर पालिक निगम के बाजार विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस अवैध कब्जा धारी से इंदिरा मार्केट में दुकान खाली करने के लिए प्रार्थी को न्यायालय की शरण में जाना पड़ा और बड़ी मशक्कत एवं सालों के बाद अवैध कब्जा हटाया जा सका इस अवैध कब्जाधारी ने तुरंत ही मार्केट में स्थित भवन जिसका निर्माण दीपक मार्केटिंग द्वारा किया गया था जिसे पुलिस सहायता केंद्र के लिए बनाने की जानकारी मिल रही है परंतु दुर्ग नगर पालिक निगम का बाजार विभाग इस मामले पर इतना ज्यादा निष्क्रीय है कि अवैध कब्जा धारी से दुकान खाली नहीं करा सका वही बाजार क्षेत्र में चर्चा का विषय है कि बाजार विभाग के अधिकारी इस मामले पर किसी भी प्रकार का संज्ञान क्यों नहीं ले रहे हैं क्या परदे के पीछे किसी गुप्त समझौते की बात तो नहीं .ऐसा नहीं है कि इस मामले की जानकारी दुर्ग नगर पालिक निगम की आयुक्त लोकेश चंद्राकर को नहीं है परंतु नगर निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर द्वारा भी मामले पर किसी तरह का संज्ञान ना लेना कई तरह के सवालों और शंकाओं को जन्म देता है ऐसे में देखना यह है कि दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव ने जिस तरह शहर में सुवास्थित यातायात के लिए दीपक मार्केटिंग द्वारा बस स्टैंड के सामने बनाया गया पुलिस सहायता केंद्र पर यातायात पुलिस द्वारा सुरक्षित यातायात के लिए कल उद्घाटन हुआ क्या वैसे ही बाजार क्षेत्र में इंदिरा मार्केट के प्रवेश द्वार पर निर्मित भवन जिस पर अवैध कब्जा धारियों द्वारा कब्जा कर व्यापार किया जा रहा है खाली करवाया जाएगा .
अब इस मामले पर नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई की उम्मीद बेमानी ही है ऐसे में दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव क्या मामले को संज्ञान में लेकर इंदिरा मार्केट स्थित उक्त भवन को खाली कर इसे जिस मकसद के लिए बनवाया गया है उसे मकसद को पूरा करने में अपनी अहम् भूमिका निभाएंगे या अवैध कब्जाधारी के बुलंद हौसलों और नगर निगम के बाजार विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता का आलम जारी रहेगा।
दुर्ग नगर निगम के बाजार विभाग की लापरवाही या अवैध कब्जाधारी से मिली भगत अभी तक खाली नही हो सकी पुलिस सहायता केंद्र
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