भूपेश बघेल बोले-बिना परिसीमन कैसे बदल गए बूथ ?
निकाय चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, दावा-आपत्ति की तारीख बढ़ाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग जिले में आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासत गरमा गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि जब परिसीमन नहीं हुआ, तो सैकड़ों मतदाताओं के वार्ड और मतदान केंद्र कैसे बदल गए? उन्होंने मतदाता सूची को दोबारा अपडेट करने, दावा-आपत्ति की समयसीमा बढ़ाने और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गुरुवार को भिलाई में आयोजित प्रेसवार्ता में भूपेश बघेल ने कहा कि इस साल के अंत में भिलाई नगर निगम, भिलाई-चरोदा नगर निगम और रिसाली नगर निगम के साथ जामुल एवं अहिवारा में नगरीय निकाय चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया है, लेकिन कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को सौंपी गई सूची में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं।
बिना परिसीमन बदले वार्ड और बूथ
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में मतदाताओं के मतदान केंद्र और वार्ड बदल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना परिसीमन के मतदाताओं का इस तरह इधर-उधर होना गंभीर मामला है। इससे मतदाताओं को मतदान करने में परेशानी हो सकती है और चुनाव में प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है।
बीएलओ की मौजूदगी पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मतदाता सूची जारी होने के दूसरे दिन कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को सूची उपलब्ध कराई गई, जबकि दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित है। उनके मुताबिक, इस दौरान कई वार्डों में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) उपलब्ध नहीं रहे, जिससे मतदाताओं को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने में परेशानी हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बीएलओ वार्डों में बैठने के बजाय नगर निगम कार्यालयों में मतदाता सूची में सुधार का काम कर रहे हैं। बघेल के अनुसार, इस संबंध में लोगों ने शिकायतें भी की हैं।
भूपेश बघेल ने रखीं तीन मांगें
पूर्व मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखीं :
1. मतदाता सूची दोबारा अपडेट हो: बिना परिसीमन के वार्ड और मतदान केंद्र बदलने के मामलों की जांच कर सूची में आवश्यक सुधार किया जाए।
2. दावा-आपत्ति की तारीख बढ़ाई जाए मतदाताओं को अपनी शिकायतें और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
3. जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो मतदाता सूची में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सरकारी अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भूपेश बघेल ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही होना बेहद जरुरी है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की इन मांगों पर निर्वाचन से
जुड़े अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों का क्या समाधान निकलता है।
