दुर्ग : न्यूज़ 36 : नगर निगम भिलाई में पेवर ब्लॉक कार्यों को लेकर सामने आई जांच रिपोर्ट का भाजपा नेता संतोष मौर्य ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित करना सराहनीय कदम है। इस संघर्ष में साथ देने वाले सांसद विजय बघेल, भाजपा संगठन एवं समस्त पार्षद दल का भी उन्होंने आभार जताया।
मौर्य ने कहा कि जांच के दौरान करीब ₹16,85,457 की वित्तीय अनियमितता सामने आई है, लेकिन रिपोर्ट का अध्ययन करने पर कई तकनीकी, वित्तीय और प्रक्रियागत सवाल अभी भी स्पष्ट नहीं होते। उनके अनुसार जनता के पैसे का एक-एक रुपये का हिसाब सामने आना चाहिए और जांच को केवल एक-दो मदों तक सीमित न रखकर पूरे कार्य का समग्र वित्तीय एवं तकनीकी परीक्षण होना चाहिए।
उन्होंने जांच समिति और नगर निगम प्रशासन से प्रमुख सवालों के जवाब मांगे हैं जो ये है :
स्थल निरीक्षण के दौरान स्थानीय पंचनामा क्यों नहीं बनाया गया…?
खुदाई, फिलिंग और बेस कंक्रीट की वास्तविक मात्रा व गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन कैसे हुआ..?
Building SOR में 80 MM पेवर ब्लॉक का आइटम नहीं होने के बावजूद भुगतान किस SOR या स्वीकृत दर के आधार पर किया गया..?
स्वीकृत स्थानों से अलग जगहों पर कार्य कराया गया तो स्थल परिवर्तन की अनुमति किस अधिकारी ने दी..?
BSP क्षेत्र में कार्य के लिए BSP की NOC कहां है..?
माप पुस्तिका में दर्ज कार्य और मौके पर वास्तविक कार्य का मिलान किस आधार पर किया गया..?
Non-SOR आइटम का कार्य क्यों नहीं कराया गया और उसे हटाने की अनुमति किसने दी…?
क्या जांच में पेवर ब्लॉक के साथ खुदाई, फिलिंग, बेस कंक्रीट और ट्रांसपोर्टिंग सहित सभी मदों का वित्तीय परीक्षण किया गया..?
संतोष मौर्य ने कहा कि जांच हुई है तो पूरी होनी चाहिए। जनता के पैसे का एक-एक रुपये का हिसाब सामने आना चाहिए। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जांच रिपोर्ट के आधार पर केवल राशि की गणना तक सीमित न रहते हुए संबंधित दस्तावेजों, स्वीकृतियों, माप पुस्तिकाओं, स्थल परिवर्तन और भुगतान प्रक्रिया का विस्तृत परीक्षण कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
