खारुन नदी के पानी से जगदीश बाड़ी में जलभराव, बुजुर्गों-महिलाओं और बच्चों को SDRF ने सुरक्षित निकाला
दुर्ग : न्यूज़ 36 : जिले में लगातार बारिश और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के चलते शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के बीच कुम्हारी थाना क्षेत्र के ग्राम परसदा स्थित जगदीश बाड़ी में जलभराव से घिरे 60 लोगों को SDRF और नगर सेना की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। राहत और बचाव अभियान करीब दो घंटे चला और सभी को सुरक्षित राहत स्थल तक पहुंचाया गया।
शिवनाथ उफान पर : परसदा रात में मिली सूचना, सुबह शुरु हुआ रेस्क्यू
जिला सेनानी, नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के कार्यालय के अनुसार, 25 सितंबर की रात 11:15 बजे ग्राम परसदा के जगदीश बाड़ी क्षेत्र में परिवारों के जलभराव में घिरे होने की सूचना मिली। इसके बाद जिला सेनानी के निर्देश पर SDRF दुर्ग की टीम आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।
दो घंटे चला सघन अभियान
SDRF/नगर सेना की टीम ने 26 सितंबर की सुबह 5:30 बजे से 7:30 बजे तक लगातार दो घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। मोटर बोट (OBM), लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग और रेस्क्यू रोप्स की मदद से जलमग्न मकानों में फंसे कुल 60 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू किए गए लोगों में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित राहत स्थल तक पहुंचाया गया। राहत एवं बचाव अभियान में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
तटवर्ती गांवों पर बढ़ा खतरा
जिला सेनानी एवं SDRF प्रभारी तथा जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती ग्रामों के डंडेसरा और चांगोरी क्षेत्र की ओर पानी भरा है। फिलहाल इन क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन शिवनाथ नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि जलस्तर में थोड़ी भी और वृद्धि होने पर बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है।
35 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी बैराजों से छोड़ा जा रहा
जल संसाधन विभाग के एसडीओ गौरव सिंह के अनुसार, 26 सितंबर सुबह 7 बजे विभिन्न जलाशयों/बैराजों से कुल 20,090 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
मोंगरा बैराज – 8,000 क्यूसेक
घुमरिया – 1,750 क्यूसेक
सूखा नाला – 7,700 क्यूसेक
खतूतौला – 2,640 क्यूसेक
इसके अलावा तांदुला जलाशय से करीब 15,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह शिवनाथ नदी में जलाशयों से कुल मिलाकर करीब 35 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है।
महमरा एनीकट 12 फीट ऊपर
लगातार बढ़ते जलप्रवाह के बीच महमरा एनीकट करीब 12 फीट ऊपर पानी बह रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार 12 फीट से अधिक जलस्तर होने की स्थिति में बाढ़ की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, लेकिन खतरा बरकरार
परसदा में 60 लोगों के सफल रेस्क्यू के बाद सभी नागरिकों को सुरक्षित राहत स्थल तक पहुंचा दिया गया है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शिवनाथ नदी में लगातार बढ़ रहा जलप्रवाह और जलाशयों से छोड़ा जा रहा पानी तटवर्ती एवं निचले इलाकों के लिए खतरे की स्थिति बनाए हुए है।
