Sunday, July 12, 2026

आईना-ए-अदब की नशिस्त काव्य गोष्ठी ‘‘एक शाम मरहूम शायरों के नाम’’ संपन्न

नात शरीफ और सरस्वती वंदना के साथ रोशन की शमा, हिंदी-उर्दू का संगम हुआ मंच पर

भिलाई : न्यूज़ 36 : आईना-ए-अदब उर्दू-हिंदी संगम तंजीम भिलाई-दुर्ग छत्तीसगढ़ की ओर से एक नशिस्त काव्य गोष्ठी ‘‘एक शाम मरहूम शायरों के नाम’’ का आयोजन शनिवार 11 जुलाई को इंडियन कॉफी हाउस सुपेला में किया गया।
शुरुआत में शमा रौशन करने के बाद इरफानुद्दीन इरफान ने नात शरीफ पेश की और मिताली श्रीवास्तव वर्मा ने सरस्वती वंदना की। आयोजन के मेहमान ए खुसूसी नीलमचंद सांखला सेवानिवृत न्यायाधीश बिलासपुर हाईकोर्ट थे। सदारत उस्ताद शायर अब्दुस्सलाम कौसर राजनांदगांव ने की। विशेष अतिथि के तौर पर उर्दू के अफसाना निगार शायर डॉ. रौनक जमाल आदर्श नगर दुर्ग, लतीफ खान लतीफ दल्लीराजहरा, शायर अब्दुल वहीद खान रिटायर्ड सब डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर दुर्ग, प्रदीप भट्टाचार्य अध्यक्ष ‘आरंभ’, शायरा नुरूससबाह खान ‘सबा’, ‘कला परंपरा‘ के अध्यक्ष डॉ डी. पी. देशमुख रिसाली और कवि ओमप्रकाश शर्मा थे।
इस मौके पर सभी शायरों और कवियों ने अपनी रचनाएं पढ़ीं। आयोजन की सराहना करते हुए सभी मेहमानों ने उर्दू-हिंदी साहित्य की तरक्की के लिए मिलजुल कर योगदान देने की बात कही। इस दौरान 60 से ज्यादा हिंदी-उर्दू के रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की, जिसे मेहमानों के साथ-साथ मौजूद लोगों ने खूब सराहा।
मेहमानों का इस्तकबाल ‘आईना-ए-अदब‘ की ओर से सदर शायर हाजी रियाज खान गौहर, सरपरस्त शकील अहमद सिद्दीकी, संयोजक शौकत इकबाल, जाविद हसन भाईजान, फरीदा शाहीन अंसारी, मो. अबू तारिक, मो. जाकिर हुसैन ,डॉ. संजय दानी, इस्माइल खान, डॉ.नौशाद अहमद सिद्दीकी, हाजी मिर्ज़ा इसराइल बेग ‘शाद‘ बिलासपुरी, शायर मुमताज, शमशीर शिवानी और राकेश कुमार रूसिया सहित तमाम लोगों ने फूलों के हार से किया।

याद किए गए अंचल के दिवंगत शायर-रचनाकार

आयोजन में उन दिवंगत शायरों-रचनाकारों को याद किया गया, जिन्होंने उर्दू और हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। इनमें आईना-ए-अदब की नींव रखने वाले मशहूर सेवाभावी चिकित्सक डॉ. जफर अहमद सिद्दीकी, मजिस्ट्रेट इनामुल्लाह शाह, युसुफ मछलीशहरी, सलीम अहमद जख्मी बालोदवी, पंडित गया प्रसाद खुदी, हाजी बदरुल कुरैशी बद्र, बाबा शेख निज़ाम दुर्गवी, नवाब जफ़र, ऐन मीम हैरत, शेख निजामुद्दीन उर्फ निज़ाम राही, सुल्तान जावेद, नदीम कानपुरी,खुर्शीद नज़मी, अंजारुल बर्क, वहीद खान बिलासपुरी, युनूस मछलीशहरी, शौक जालंधरी रायपुर, अशोक सिंघई, प्रदीप वर्मा, जय नारायण सोनी निर्झर, राम कैलाश तिवारी, वीणापानी, हज़लकार रामबरन कोरी कशिश,, डॉ. राधेश्याम सिंदूरिया, ओमप्रकाश शर्मा मुक्तकंठ साहित्य समिति भिलाई के महासचिव, रविशंकर कलौसिया, पंडित नंदकिशोर दुबे, पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे, मुकुंद कौशल, डॉ. त्रिलोकीनाथ क्षत्रिय, पंडित दानेश्वर शर्मा, कृष्णकांत कशिश, डॉ. विमल कुमार पाठक, हरि शंकर उजाला, डॉ. विधुरानी खरे, और कवियत्री शांति काम्बोज डॉ. शीला शर्मा, आर सी मुदलियार, अरुण कसार, हसन ज़फ़र रायपुर, रजा हैदरी रायपुर, बीके दीवाना और केबीआर शर्मा सहित 50 से ज्यादा रचनाकारों को याद किया गया और आयोजन में उनकी रचनाओं पर बात हुई।

आप की राय

[yop_poll id="1"]

Latest news
Related news