250 टन लोहा चोरी जांच का था मामला, 90 लाख से अधिक का माल बरामद
भिलाई : न्यूज 36 : भिलाई में बीएसपी से 250 टन लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस संगठित स्क्रैप चोरी गिरोह के कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह को उत्तर प्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुरानी भिलाई थाना में दर्ज प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे संजय सिंह को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। मामले में एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी पकड़ा गया है। दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य जानकारी ली जाएगी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय सिंह (48) खुर्सीपार, भिलाई का निवासी है, जबकि पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा (48) सेक्टर-05 भिलाई का रहने वाला है। मामले का सह-आरोपी और संजय सिंह का बेटा अभय सिंह अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
बाप-बेटे पर था 10-10 हजार का इनाम
जांच के दौरान पुलिस ने संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह को पूरे स्क्रैप चोरी सिंडिकेट का प्रमुख सदस्य माना था। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिसके बादपुलिस ने उन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर अभय सिंह पर टिकी हुई है।
250 टन स्क्रैप जब्त, कीमत 90 लाख से अधिक
मामला 26 मई को सामने आया था, जब भिलाई-3 थाना क्षेत्र के अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स स्क्रैप यार्ड में पुलिस ने छापेमार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान यार्ड और हाइवा वाहनों से करीब 250 टन लौह सामग्री बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये से अधिक है।
जांच में पता चला कि फ्लाई एश परिवहनकी आड़ में लोहे की प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री चोरी कर बाहर भेजी जा रही थी। वाहनों में ऊपर फ्लाई एश और नीचे स्क्रैप छिपाकर ले जाया जाता था। गिरफ्तार चालकों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे 30 से 40 बार इसी तरीके से स्क्रैप बाहर निकाल चुके हैं।
बैंक खाते सीज, मनी ट्रेल की जांच तेज
पुलिस ने जांच के दौरान संजय सिंह के घर से 10 अलग-अलग बैंकों की पासबुक और चेकबुक जब्त की थीं। इसके बाद संबंधित बैंक खातों को सीज कर दिया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी से अर्जित रकम किन खातों में पहुंची और उसका इस्तेमाल किस तरह
किया गया।
कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में अब तक मीथेन ठाकुर, चिंतानंद साहू, गीतेश वर्मा, निर्मल सिंह और घनश्याम गुप्ता सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घनश्याम गुप्ता ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह संजय सिंह के कहने पर चोरी का स्क्रैप लोड करवाता था।
बीएसपी के अंदरूनी लोगों पर भी जांच
जांच अधिकारियों का मानना है कि प्लांट से इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप बाहर निकालना केवल ड्राइवरों और कबाड़ियों के बस कीबात नहीं है। बीएसपी परिसर में वाहनों की ट्रैकिंग व्यवस्था होने के बावजूद सैकड़ों टन स्क्रैप बाहर जाना अंदरूनी सहयोग की ओर इशारा करता है।
इसी वजह से अब कुछ कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और तकनीकी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
रिमांड में खुल सकते हैं कई बड़े नाम
पुलिस का मानना है कि संजय सिंह की गिरफ्तारी इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है। सात दिन की रिमांड के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि स्क्रैप चोरी का नेटवर्क कैसे संचालित होता था।
इसमें किन लोगों की भूमिका थी और करोड़ों रुपये के इस कारोबार का फायदा किन लोगों तक पहुंच रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित स्क्रैप चोरी कांड से जुड़े कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
