दुर्ग : न्यूज़ 36 : पद्मनाभपुर थाने में एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक शातिर गिरोह ने सिबिल स्कोर (क्रेडिट रिकॉर्ड) सुधारने और कमीशन का लालच देकर 27 से अधिक युवा छात्रों को अपना शिकार बनाया और करीब 34.13 लाख रुपए की ठगी कर फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा, अनिरुद्ध सिंह और दीपेश जोशी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़ित हिमांशु देवांगन और उनके साथियों के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें झांसा दिया था कि ईएमआई पर सामान लेने से बैंक में उनका सिबिल स्कोर बेहतरीन हो जाएगा। आरोपियों ने कहा कि वे अपने नाम पर फाइनेंस कराने में असमर्थ हैं, इसलिए छात्रों के नाम का उपयोग कर रहे हैं। छात्रों को विश्वास दिलाया गया कि उन्हें अपनी जेब से कोई पैसा नहीं देना होगा, ईएमआई आरोपी खुद भरेंगे। साथ ही, हर फाइनेंस पर छात्रों को 2 से 3 हजार रुपए का नकद मुनाफा भी दिया जाएगा। आरोपियों ने छात्रों के पहचान पत्रों और बैंक पासबुक का उपयोग कर फाइनेंस कंपनियों से टीवी, फ्रिज और एसी जैसे महंगे आइटम निकलवा लिए। विश्वास जीतने शुरुआत में कुछ किश्तें भरी और मामूली कमीशन भी दिया। लेकिन, अप्रैल के बाद आरोपियों ने ईएमआई भरना बंद कर दिया और गायब हो गए। अब फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट छात्रों के घर जाकर पैसों के लिए दबाव बना रहे हैं। हिमांशु से 92 हजार रुपए अलग से भी ठगे गए हैं। हिमांशु के अलावा गजेन्द्र साहू, फनेश्वर मिश्रा, दुष्यंत मानिकपुरी समेत कुल 27 छात्रों के नाम पर 34.13 लाख का सामान फाइनेंस कराया गया है।
