काउंसलिंग की तैयारी करने वाले छात्र संकट में
भिलाई : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ पाठ्यक्रम को शामिल कराने के स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) की प्रशासनिक लापरवाही का खमियाजा इस बार डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भुगतना पड़ सकता है। विवि शिक्षण विभाग (यूटीडी) में संचालित डिप्लोमा माइनिंग और डिप्लोमा फायर सेफ्टी पाठ्यक्रम तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) की ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। इसके कारण इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अनेक छात्रों के सामने संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार डीटीई काउंसलिंग में किसी भी पाठयक्रम को को शामिल कराने के लिए संबंधित संस्थान को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। आरोप है कि विवि प्रशासन द्वारा यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई, जिसके कारण दोनों पाठ्यक्रम काउंसलिंग सूची मेंशामिल नहीं हो सके। इसका सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ा है जो तकनीकी शिक्षा की ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से इन प्रवेश लेना चाहते थे। विशेषज्ञों के अनुसार माइनिंग और फायर सेफ्टी दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जिनकी खनन उद्योग, इस्पात संयंत्रों, औद्योगिक इकाइयों और सुरक्षा प्रबंधन क्षेत्र में लगातार मांग बनी रहती है।
नियुक्ति प्रक्रिया भी अधूरी
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि दोनों पाठ्यक्रमों में नियमित व्याख्याताओं की नियुक्ति प्रक्रिया भी लंबे समय से लंबित है। विवि ने पूर्व में आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इससे पाठ्यक्रमों के संचालन और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
छात्रों और अभिभावकों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासनिक चूक की कीमत विद्यार्थियों को नहीं चुकानी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जवाबदेही तय कर प्रभावी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
