पद्मनाभपुर थाने में 3 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
दुर्ग : न्यूज़ 36 : मकान विक्रय के नाम पर 22 लाख रुपये लेने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं कराने और संपत्ति विवाद की जानकारीछिपाने के आरोप में पद्मनाभपुर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पद्मनाभपुर निवासी अंजू अरोरा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग की अदालत में परिवाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि कटक (ओडिशा) निवासी श्रीमती संतोषिनी सहानी, श्रीमती देवजानी सहानी एवं संग्राम कुमार साहनी ने उनसे मकान विक्रय के नाम पर 22 लाख रुपये प्राप्त किए, लेकिन तय शर्तों के अनुसार संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराई।
परिवाद के अनुसार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की मौजा पद्मनाभपुर स्थित एमआईजी सी/449 आवास को खातों के माध्यम से कुल 22 लाख रुपये बतौर बयाना राशि आरोपियों को दिए थे। शेष राशि रजिस्ट्री के समय दिए जाने की सहमति बनी थी।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने संपत्ति को फ्रीहोल्ड और नामांतरण कराने के बाद 45 दिनों के भीतर रजिस्ट्री कराने का वादा किया था, लेकिन राशि प्राप्त करने के बाद लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में जानकारी मिली कि उक्त संपत्ति को लेकर आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के बीच पहले से न्यायालय में विवाद चल रहा था तथा संपत्ति के आधे हिस्से पर अन्य पक्षकारों के अधिकार संबंधी न्यायालयीन आदेश भी पारित हो चुका था।
आरोप है कि संपत्ति विवाद की जानकारी छिपाकर आरोपियों ने स्वयं को संपत्ति का पूर्ण स्वामी बताते हुए विक्रय इकरारनामा निष्पादित किया और शिकायतकर्ता से 22 लाख रुपये प्राप्त कर लिए।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मकान का बकाया संपत्ति कर तथा नामांतरण प्रक्रिया में लगभग एक लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च भी उन्होंने वहन किया, जिसकी राशि भी वापस नहीं की गई।मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाए जाने पर अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 324/2026 दर्ज कर श्रीमती संतोषिनी सहानी, श्रीमती देवजानी सहानी और संग्राम कुमार साहनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरु कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
