Sunday, May 17, 2026

भिलाई के डॉ. उत्कर्ष ने रचा इतिहास,एम्स दिल्ली से एमसीएच की डिग्री हासिल की डिस्टिंक्शन के साथ

भिलाई : न्यूज़ 36 : इस्पात नगरी भिलाई में पले-बढ़े युवा सर्जन डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे ने देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली से एमसीएच मिनिमल एक्सेस सर्जरी-रोबोटिक एंड एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सर्वोच्च सुपर स्पेशलाइजेशन डिग्री डिस्टिंक्शन के साथ प्राप्त कर एक अनूठी उपलब्धि हासिल की।
भारत मंडपम में आयोजित एम्स दिल्ली के 51वें दीक्षांत समारोह में डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे को यह उपाधि प्रदान की गई। इस भव्य समारोह में उपराष्ट्रपति के राधाकृष्णन तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। देशभर के प्रतिभाशाली डॉक्टरों और विशेषज्ञों के बीच डॉ. उत्कर्ष की उपलब्धि विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
उल्लेखनीय है कि चिकित्सा जगत में सुपर स्पेशलाइजेशन की पढ़ाई अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। विशेष रूप से एमसीएच जैसी उच्च डिग्री में किसी प्रकार का आरक्षण नहीं होता, ऐसे में डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल कर किया है।
इस्पात नगरी भिलाई में ईएमएमएस सेक्टर-9 और सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर-10 से स्कूली शिक्षा के बाद डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे ने अपनी प्रारंभिक चिकित्सा शिक्षा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली से एमबीबीएस की डिग्री के साथ पूरी की। इसके बाद उन्होंने एम्स नई दिल्ली से एमएस और फिर एमसीएच की डिग्री के साथ स्नातकोत्तर स्तर की चिकित्सा शिक्षा पूरी की। वर्तमान समय की सबसे आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीक रोबोटिक एवं एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में उन्हें विशेष महारत हासिल है।
उल्लेखनीय है कि आज चिकित्सा विज्ञान में रोबोटिक सर्जरी को भविष्य की तकनीक माना जा रहा है, जिसमें कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेज रिकवरी के साथ जटिल ऑपरेशन किए जाते हैं। इस क्षेत्र में डॉ. उत्कर्ष की विशेषज्ञता उन्हें देश के चुनिंदा युवा सर्जनों की श्रेणी में खड़ा करती है।
वर्तमान में डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे मुंबई स्थित प्रसिद्ध बॉम्बे हॉस्पिटल में रोबोटिक एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक जीआई एंड जनरल सर्जरी विभाग में कंसल्टेंट प्रमुख के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बिरला ग्रुप द्वारा निर्मित यह अस्पताल देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है, जहां देश-विदेश से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इतनी कम उम्र में इतने बड़े पद पर कार्य करना उनकी प्रतिभा और क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।
डॉ. उत्कर्ष के पिता डॉ. उदय वर्तमान में भिलाई स्टील प्लांट के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और बीएसपी जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 की बर्न यूनिट के प्रभारी के तौर पर सेवारत हैं। वहीं उनकी माता श्रीमती प्रेरणा धाबर्डे कला व संस्कृति के क्षेत्र में एक जाना माना नाम है। डॉ उत्कर्ष की छोटी बहन डॉक्टर उन्नति भी एम्स रायपुर से ईएनटी में (एम एस) मास्टर की डिग्री हासिल कर सुपरस्पेशलाइजेशन परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। डॉ उत्कर्ष ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता,पत्नी डॉ प्रियंका और गुरुजनों को दिया है।

आप की राय

[yop_poll id="1"]

Latest news
Related news