Sunday, May 10, 2026

धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर सिम्प्लेक्स के डायरेक्टर दम्पती के खिलाफ FIR दर्ज

विवादित जमीन को बताया निष्पक्ष, 50 लाख के सौदे में 10 लाख लेकर ठगी का आरोप

भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय ने जमीन खरीदी-बिक्री में कथित धोखाधड़ी के मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं। मामला कोहका क्षेत्र की एक जमीन के सौदे से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विवादित भूमि को निष्पक्ष और विवादमुक्त बताकर लाखों रुपए की ठगी की गई।

सुपेला थाना पुलिस के मुताबिक, कोहका निवासी गुलजार सुनील कुमार सोमन ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में आरोप लगाया गया कि सिम्प्लेक्स कास्टिंग लिमिटेड कंपनी की डायरेक्टर संगीता केतन शाह और उनके पति केतन शाह ने ग्राम कोहका स्थित भूमि को साफ सुथरी और विवाद रहित बताते हुए 50 लाख रुपए में बेचने का सौदा किया। 13 मार्च 2023 को इकरारनामा निष्पादित कर 10 लाख रुपए अग्रिम राशि के रूप में ली गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि संबंधित भूमि पहले से विवादित थी और उस पर बैंक अथवा वित्तीय संस्थान से ऋण लिया गया था। इतना ही नहीं, मूल दस्तावेजों के आधार पर जमीन को गिरवी रखकर करोड़ों रुपए का कर्ज लेने की जानकारी भी सामने आई। आवेदक ने इसे सुनियोजित छल, कपट और विश्वासघात बताते हुए कई बार आरोपियों से संपर्क कर राशि वापसी और समझौते का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

कोर्ट ने माना, तथ्य छिपाकर किया गया सौदा

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दस्तावेजों और प्रस्तुत तथ्यों का अवलोकन किया। आदेश में कहा गया कि प्रथम दृष्टया मामला संज्ञेय अपराध का प्रतीत होता है और इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है। न्यायालय ने यह भी माना कि यदि भूमि के विवादित होने और गिरवी रखे जाने की जानकारी छिपाकर सौदा किया गया है, तो यह गंभीर प्रकृति का अपराध है।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत स्मृति नगर चौकी को निर्देशित किया कि आरोपी संगीता केतन शाह सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 468, 471 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जाए। साथ ही जांच पूरी कर नियमानुसार अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस पर भी उठे सवाल : पीड़ित का आरोप है कि उसने स्मृति नगर थाना में कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। लगातार चक्कर लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर लिया। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि जमीन सौदे में तथ्यों को जानबूझकर छिपाया गया था या नहीं और शिकायतकर्ता से ली गई राशि किन परिस्थितियों में ली गई।

आप की राय

[yop_poll id="1"]

Latest news
Related news