दुर्ग : न्यूज़ 36 : थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्वेलरी दुकान में नकली धातु के पायल को चांदी का बताकर असली चांदी के जेवर लेकर फरार होने वाले दो अंतर्राज्यीय ठगों को गिरफ्त्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से प्राप्त एक जोड़ी चांदी का पायल और खरीद रसीद जप्त की गई है।
पुलिस के अनुसार 7 मई 2026 को प्रार्थी आशीष जैन (40 वर्ष), निवासी मधुबन वाटिका खंडेलवाल कॉलोनी दुर्ग ने थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो व्यक्ति उनकी ज्वेलरी दुकान में आए और अपने पास रखे पुराने चांदी के पायल व हाथ का कड़ा दिखाकर उसे असली चांदी का बताया। दोनों ने पुराने जेवर के बदले नया चांदी का पायल लेने की बात कही तथा अंतर की राशि 2200 रुपये जमा कर नया पायल लेकर चले गए।
रात में दुकान बंद करते समय पुराने पायल की जांच करने पर वह नकली धातु का निकला। रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 232/2026 के तहत धारा 318 (4) एवं 3 (5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा प्रार्थी के बयान और आरोपियों द्वारा प्रस्तुत आधार कार्ड के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन स्थित यात्री प्रतीक्षालय में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने नकली पायल देकर असली चांदी का पायल प्राप्त कर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जोड़ी चांदी का पायल तथा महावीर ज्वेलर्स की खरीद रसीद बरामद की। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश साहू (39 वर्ष), निवासी ग्राम पारकना, थाना मुंगावली, जिला अशोकनगर (मध्यप्रदेश) तथा प्रदीप श्रीवास्तव (35 वर्ष), निवासी ग्राम अमनचार, थाना मुंगावली, जिला अशोकनगर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से नकली धातु के पायल को असली चांदी का बताकर ज्वेलरी दुकानदार को धोखे में रखा। दुर्ग पुलिस ने व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि पुराने जेवर के बदले नए जेवर लेने अथवा विक्रय के दौरान वस्तुओं की विधिवत जांच और सत्यापन अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
