Wednesday, April 29, 2026

AI वीडियो विवाद : पूर्व CM भूपेश बघेल और सौम्या चौरसिया के नाम से वायरल रील

जिला कांग्रेस कमेटी के विरोध के बाद भिलाई नगर थाने में अपराध दर्ज

भिलाई : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारी सौम्या चौरसिया से जुड़ा एक कथित AI-जनित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दुर्ग-भिलाई में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सुनियोजित चरित्र हनन बताते हुए पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के अध्यक्ष राकेश ठाकुर की शिकायत पर से आज भिलाई नगर थाने में अपराध दर्ज कर लिया गया है।

यह है मामला : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर द्वारा साझा की गई रील में AI तकनीक के जरिए भूपेश बघेलl और चौरसिया को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाया गया है। वीडियो में दोनों को डेटिंग, बाइक राइड और अन्य गतिविधियों में दिखाया गया है। वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी फैल गई।

कांग्रेस का विरोध और ज्ञापन

दुर्ग, भिलाई और दुर्ग ग्रामीण के कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने 2 दिन पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वीडियो फर्जी और आपत्तिजनक है, जिसका उद्देश्य पूर्व मुख्यमंत्री की छवि खराब करना है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि वीडियो बनाने और प्रसारित करने वाले के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

इन नाम के अकाउंट से शेयर किया गया था

यह वीडियो इंस्टाग्राम के “कांग्रेस पोल खोल” और “रैंडम छत्तीसगढ़” नाम के अकाउंट से शेयर किया गया था। वीडियो में भूपेश बघेल और सौम्या चौरसिया को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया गया था।

दी थी आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) राकेश ठाकुर ने कहा कि यदि निर्धारित समय में FIR दर्ज नहीं की जाती, तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण किसी व्यक्ति की छवि खराब करना गंभीर अपराध है और इससे परिवार पर भी असर पड़ता है।

महिला आयोग ने भी लिखा था पत्र

इधर राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने खुद संज्ञान लेते हुए इसे संवेदनशील मामला बताया और दुर्ग एसएसपी को पत्र भेजा। आयोग ने साइबर सेल को निर्देश दिया है कि वीडियो की तकनीकी जांच कर उसके असली स्रोत का पता लगाया जाए और इसे फैलाने वालों की पहचान की जाए।
महिला आयोग ने साफ कहा है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कर किसी की छवि खराब करना, खासकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक सामग्री बनाना, गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

मामला हुआ दर्ज

इधर, भिलाई नगर पुलिस ने इस प्रकरण में अपराध क्रमांक 0210/26 के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 353(2) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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