नकल व पेपर लीक पर कड़ी सजा का प्रावधान
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने सख्त कानून लागू : मुख्यमंत्री साय
रायपुर : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ विधानसभा में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया है। इस कानून के लागू होने से अब परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में युवाओं की अहम भूमिका है, इसलिए भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी होना अत्यंत आवश्यक है। इस विधेयक का उद्देश्य नकल, पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों को पूरी तरह खत्म करना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत प्रश्नपत्र लीक करना, फर्जी अभ्यर्थी बैठाना और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करना अब स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध होगा। ऐसे मामलों में 3 से 10 वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुमनि का प्रावधान किया गया है। वहीं संगठित अपराध के मामलों में 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना और संपत्ति जब्ती का भी प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा, यदि कोई अभ्यर्थी नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका परीक्षा परिणाम निरस्त कर दिया जाएगा और उसे 1 से 3 वर्ष तक परीक्षाओं से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों, आईटी सेवा प्रदाताओं और परीक्षा केंद्रों के संचालकों को भी इस कानून के तहत जवाबदेह बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और निष्पक्षता बनी रहे। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसियों को भी जांच सौंप सकेगी।
यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापमं सहित विभिन्न शासकीय विभागों, निगमों और मंडलों द्वारा आयोजित सभी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस सख्त कानून से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत होगा।
