दुर्ग : न्यूज़ 36 : चंद्रकांत गोमास्ता द्वारा जुलेखा खातुन से धोखाधड़ी की ।चन्द्रकांत गोमास्ता के पिता ने उनके नाम से खरीदी की गई मकान / भूमि जो वर्तमान में चंद्रकांत गोमास्ता के नाम से थी जो कसारीडीह वार्ड नं. 41, केलाबाडी स्थित मकान / भूमि खसरा नं. 725 / 83 एवं 725 / 84, रकबा 0.020 हे. कुल 2204 वर्गफीट का विक्रय करने का सौदा श्रीमती जुलेखा खातुन पति अब्दुल मजीज निवासी केलाबाडी दुर्ग के साथ 12,00,000/- रू. मे विक्रय करने का इकरारनामा निष्पादित किया इकरारनामा के समय 5 लाख रू. प्राप्त किया तथा रजिस्ट्री दिनांक 02/03/2012 को 03 लाख प्राप्त किया शेष राशि 04 लाख रू. रजिस्ट्री से 02 माह के अंदर कब्जा सौपने पर प्राप्त करने का सौदा किया । तथा उपरोक्त मकान / भूमि को खरीददार श्रीमती जुलेखा खातुन के नाम से प्रमाणिकरण कराने में भी सहयोग किया तथा बिजली विभाग एंव नगर निगम में भी नामांतरण कराने में सहयोग किया इसी दौरान चंद्रकात गोमास्ता के भाइयों एंव बहनों शशिकांत गोमास्ता, रमाकांत गोमास्ता, श्रीमती राधिका श्रीवास्तव, एवं श्रीमती गिरिजा श्रीवास्तव के द्वारा उपरोक्त चंद्रकांत गोमास्ता के द्वारा श्रीमती जुलेखा खातून को किये गये मकान / भूमि के रजिस्ट्री को शून्य कराने के लिये दीवानी वाद न्यायालय में दायर कर दिया तथा चंद्रकांत गोमस्ता ने बिजली विभाग में आवेदन देकर खरीददार के नाम से नामांतरण की गई मीटर पर आपत्ति दर्ज कर बिजली मीटर को अपने नाम से करवा लिया तथा मकान/भूमि का कब्जा सौदे के अनुसार रजिस्ट्री के 02 माह के अंदर चन्द्रकांत गोमास्ता ने जुलेखा खातून को नही सौपा तब खरीददार जुलेखा खातुन को जानकारी हुई कि उक्त मकान / भूमि में चंद्रकांत गोमास्ता एंव उसके भाई बहनों का भी हित निहित है उसे बाद भी उक्त मकान / भूमि को चन्द्रकांत गोमास्ता के द्वारा जुलेखा खातून को विकय कर पूर्ण प्रतिफल बेईमानी पूर्वक प्राप्त कर जुलेखा खातून के साथ छल किया जिसकी शिकायत खरीददार ने पदमनाभपुर चौकी में की थी लेकिन कोई कार्यवाही नही होने पर जुलेखा खातून ने न्यायालय में चंद्रकांत गोमास्ता के विरूद्व 420 का परिवाद प्रस्तुत की तथा चंद्रकांत गोमास्ता के भाई एंव बहनों के द्वारा दायर सिविल केस में उनके पक्ष में फैसला किया गया है तथा न्यायालय श्रीमान् कु. प्रतिभा मरकाम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय के द्वारा परिवाद प्रकरण में आए साक्ष्य के आधार पर अपराध होना प्रमाणित पाते हुए आरोपी चन्द्रकांत गोमास्ता को दिनांक 27 /4/2024 को धारा 420 के तहत दोषी पाते हुये 02 वर्ष क कारावास एवं 5,000 /- रू. के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश पारित किया गया है, तथा न्यायालय ने यह माना है कि इसी तरह के अपराध समाज मे आये दिन हो रहे है।
