भिलाई : न्यूज़ 36 : साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खाते किराए पर देकर साइबर अपराधियों की मदद करने वाले 9 म्यूल खाताधारकों और एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर कमीशन के बदले बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है.
जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेनदेनऔर छिपाने के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, थाना पुरानी भिलाई में दर्ज अपराध क्रमांक 258/2026 की विवेचना के दौरान थाना पुरानी भिलाई पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच के आधार पर इस नेटवर्क का खुलासा किया।
जांच में पता चला कि आरोपी ₹2,000 से ₹10,000 तक के कमीशन के बदले अपने या अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों में साइबर ठगी से जुड़े लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन पाए गए।
पुलिस ने इस मामले में लक्की खुटेल, भारत गिरी, भोज ठाकुर, चोमन साहू, कमलेश देशलहरे, रमाकांत साहू, आकाश भट्ट, संजय निषाद (एजेंट) और मनोज कुमार साहू (एजेंट) को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग से संबंधित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सभी
सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318 (3) एवं 318 (4) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना भी गंभीर अपराध है और खाताधारक स्वयं कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में देने की अपील की गई है।
