47.64 लाख नकद बरामद : मुख्य आरोपी अब भी फरार
भिलाई : न्यूज़ 36 : डॉक्टर के सूने मकान को निशाना बनाकर करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी, डायमंड के आभूषण और नकदी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश् किया है। छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश तक पीछा कर पुलिस ने गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, दोपहिया वाहन, एक्सयूवी कार, इनोवा सहित करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। इस सनसनीखेज चोरी का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
सूने मकान की रेकी कर दिया था वारदात को अंजाम
मामला वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सुंदर नगर का है। यहां रहने वाली डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को परिवार सहित घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया और अलमारी में रखी नकदी के साथ सोने, चांदी एवं डायमंड के कीमती आभूषण पार कर दिए। 23 अक्टूबर को घर लौटने पर चोरी का पता चला। शिकायत पर वैशाली नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 389/2026, धारा 331(4) 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला गिरोह का राज
चोरी की भारी रकम और कीमती आभूषणों को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर के नेतृत्व में वैशाली नगर थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्ध गतिविधियों की जांच के दौरान राहुल बंसोड़ का नाम सामने आया। घटना के आसपास उसे साथियों के साथ घूमते देखा गया था। वारदात के बाद उसके फरार होने की जानकारी भी मिली।
इसके बाद पुलिस ने गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। लेकिन आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को आरोपियों के उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही में छिपे होने का सुराग मिला।
गंगा नदी पार कर ठिकाने बदल रहा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी लगातार प्रयागराज और मिर्जापुर के बीच अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव के जरिए आवाजाही कर रहा था। स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी कर आखिरकार चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में प्रदीप ने चोरी की वारदात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके हिस्से में आई नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्डा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए। चोरी के माल को इस तरह छिपाने का खुलासा होने से पुलिस भी हैरान रह गई।
चोरी के सोने को भट्टी में गलाकर बदल दिया स्वरूप
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। प्रदीप ने चोरी के सोने के आभूषण भदोही के वैष्णवी ज्वेलर्स संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेच दिए थे। पुलिस की पूछताछ में ज्वेलर्स ने चोरी के आभूषण खरीदने और कुछ गहनों को अपनी दुकान में रखी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने की बात स्वीकार की।
आरोपियों को चोरी का माल बेचने और खपाने में सहयोग देने के आरोप में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया है।
चोरी की रकम से दिल्ली में खरीदी एक्सयूवी, घर में कराया निर्माण
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी के बाद मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी। वाहन क्रमांक DL-10-CN-1411 को बाद में लेकर वह भिलाई लौटा था। वहीं आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी की रकम से घर में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगवाने के अलावा करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी थी। पुलिस ने दोनों वाहन बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
तड़के 3 बजे पुलिस की घेराबंदी, इनोवा में माल लेकर भागने की थी तैयारी
पुलिस को जानकारी मिली कि राहुल बंसोड़ ने चोरी की नकदी और आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे थे। वह चोरी का माल लेने के लिए भिलाई पहुंचा था। पुलिस की निगरानी का अंदेशा होने पर वह अपनी एक्सयूवी सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया।
इसके बाद उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों के जरिए इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल सुरक्षित स्थान पर ले जाने की योजना बनाई। इसमें रेखचंद्र देवांगन, वाहन मालिक आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की। इसी दौरान तड़के करीब 3 बजे चोरी का माल लेकर जा रहे आरोपियों को आगे और पीछे से घेरकर दबोच लिया गया। उनके कब्जे से इनोवा वाहन, नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
9 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में प्रदीप कुमार चौधरी, सुजीत सिंह, सोनू जायसवाल, रविन्द्र बंसोड़, किरण बंसोड़, आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह को गिरफ्तार किया है। इनमें ज्वेलर्स, चोरी का माल छिपाने वाले और फरार आरोपी को संरक्षण एवं परिवहन सुविधा देने वाले सहयोगी भी शामिल हैं।
मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
एक करोड़ की संपत्ति बरामद, ये सामान पुलिस ने किया जब्त
दुर्ग पुलिस के अनुसार, आरोपियों से करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
47 लाख 64 हजार रुपये नकद ।
सोने के कंगन, चेन, लॉकेट एवं अन्य आभूषण।
चांदी के आभूषण और चांदी के बिस्किट।
चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार।
नई सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल।
वारदात के बाद चोरी का माल ले जाने में इस्तेमाल इनोवा वाहन।
सोना-चांदी तौलने के दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू।
डीवीआर, डेल कंपनी का लैपटॉप, टैबलेट और पेटीएम मशीन।
पावर बैंक और कुल सात मोबाइल फोन।
चोरी करने वालों से लेकर माल खपाने वालों तक पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले में दुर्ग पुलिस ने केवल चोरी करने वाले आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि चोरी के आभूषण खरीदने वाले ज्वेलर्स, गहनों को गलाकर उनकी पहचान बदलने वाले, चोरी का माल छिपाने वाले और फरार आरोपी को संरक्षण एवं परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने वाले सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की गिरफ्तारी और चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी के लिए जांच जारी है। साथ ही प्रकरण में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
दुर्ग पुलिस की अपीलः घर को लंबे समय तक सूना छोड़कर बाहर जाने पर संबंधित थाना या बीट पुलिस को सूचना दें। घर में बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण रखने से बचें। सीसीटीवी कैमरे चालू रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। आपात स्थिति में डायल 112 में सम्पर्क करें।
