SAIL, RINL और MECON के अधिकारियों-कर्मचारियों के लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग
भिलाई : न्यूज़ 36 : स्टील क्षेत्र के अधिकारियों, कार्मिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से नई दिल्ली में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने किया।
प्रतिनिधिमंडल में सेफी महासचिव संजय आर्या, उपाध्यक्ष अजय पाण्डेय, डीजीएस आर. सतीश और संयुक्त सचिव के.वी.डी. प्रसाद शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष स्टील क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से रखा और इनके शीघ्र एवं न्यायसंगत निराकरण के लिए संबंधित मंत्रालयों व उपक्रमों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया।
समयपूर्व सेवानिवृत्ति के आदेश वापस लेने की मांग
बैठक में SAIL में समयपूर्व सेवानिवृत्ति के तहत जारीआदेशों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सेफी ने SAIL CDA Rules, 1977 के Clause 4.0 (3) के अंतर्गत जारी आदेशों की समीक्षा और निरस्तीकरण की मांग की।
सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने विशेष रूप से 12 एक्जीक्यूटिव्स के समयपूर्व सेवानिवृत्ति आदेशों की व्यापक समीक्षा कराने का आग्रह किया। साथ ही यह सुनिश्चित करने की मांग की गई कि नियमों का इस्तेमाल निर्धारित प्रक्रिया, पारदर्शिता और वास्तविक जनहित के अनुरुप हो।
सेफी ने SAIL की Performance Appraisal प्रणाली में ‘C’ रेटिंग के प्रावधान की समीक्षा की मांग भी की, ताकि अधिकारियों के योगदान और कार्यक्षमता का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके।
पेंशन अंशदान 3 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत करने की मांग
SAIL में DPE के दिशा-निर्देशों के अनुरुप 30प्रतिशत Superannuation Benefits सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। सेफी ने वर्तमान 3 प्रतिशत के स्थान पर 9 प्रतिशत पेंशन अंशदान नियमित रुप से हस्तांतरित करने का अनुरोध किया।
इसके अलावा 1 जनवरी 2007 से NPS में वास्तविक फंड हस्तांतरण की तिथि तक की अवधि के लिए देय क्षतिपूरक/संचित ब्याज का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
SAIL की सभी इकाइयों में एक समान HRA नीति
सेफी ने SAIL की सभी इकाइयों में House Rent Allowance (HRA) के लिए एक समान नीति लागू करने की मांग की। संगठन का कहना है कि इससे विभिन्न इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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RINL और MECON के लंबित मुद्दे भी उठे
प्रतिनिधिमंडल ने RINL से जुड़े लंबित मामलों में एक्जीक्यूटिव्स की पदोन्नति, क्षमता उपयोग के अनुपात में वेतन रोकने की व्यवस्था समाप्त करने, PRP के भुगतान तथा VRS-2 एवं VRS-3 के लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया। वहीं MECON अधिकारियों के 11 माह से लंबित Perks Arrears का शीघ्र भुगतान कराने के लिए भी केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई।
स्टील PSU में रणनीतिक साझेदारी और विलय पर चर्चा
बैठक में स्टील क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के बीच रणनीतिक साझेदारी और विलय के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सेफी ने सार्वजनिक उपक्रमों को अधिक मजबूत, प्रतिस्पर्धी और प्रभावी बनाने के लिए इस विषय पर कर्मचारी हितैषी दृष्टिकोण से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
EPS-95 Higher Pension की विसंगतियां दूर करने की मांग
सेफी ने SAIL के सेवानिवृत्त एवं सेवारत कार्मिकों से जुड़े EPS-95 के तहत Higher Pension के मामले में उत्पन्न विसंगतियों को भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। संगठन ने पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को उनके वैधानिक और न्यायसंगत पेंशन लाभ दिलाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की।
सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने कहा कि अधिकारियों, कार्मिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े इन मुद्दों का समयबद्ध और न्यायसंगत समाधान कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण उद्योग को और मजबूत करने में सहायक होगा। सेफी ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री इन मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए संबंधित मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देंगे।
