भिलाई : न्यूज़ 36 : किडनी और मूत्राशय की पथरी एक काफी आम समस्या है। पथरी बड़ी हो तो उसे दूरबीन पद्धति से भीतर ही तोड़ना होता है। हाईटेक सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में इसके आधुनिकतम संस्करण थुलियम फाइबर लेजर की स्थापना की गई है। यह पारम्परिक होल्मियम लेजर की तुलना में अधिक सटीक और प्रभावी मानी जाती है। मशीन की अनबॉक्सिंग के अवसर पर मेडिकल डायरेक्टर डॉ नविल शर्मा एवं निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ नरेश देशमुख भी उपस्थित थे।
हाईटेक हॉस्पिटल के यूरोसर्जन डॉ नवीन वैष्णव नेबताया कि थुलियम फाइबर लेजर (Thulium Fiber Laser – TFL) यूरोलॉजी और अन्य सर्जिकल प्रक्रियाओं में उपयोग की जाने वाली एक अत्याधुनिक लेजर तकनीक है। यह तकनीक किडनी और मूत्रमार्ग की पथरी को तोड़ने (लिथोट्रिप्सी) और प्रोस्टेट के बढ़े हुए टिश्यूज (BPH) के इलाज में अधिक सटीक और प्रभावी मानी जाती है।
डॉ वैष्णव ने बताया कि थुलियम फाइबर लेजर बेहतर डस्टिंग और फ्रेगमेंटेशन में सक्षम है। यह पथरी को बेहद बारीक धूल में बदल देता है, जिससे पथरी शरीर से आसानी से बाहर निकल जाती है। पथरी के किसी भी हिस्से के छूटने की संभावना न के बराबर होती है। लेजर ब्लास्ट के दौरान पथरी अपनी जगह से पीछे की तरफ नहीं भागती, जिससे डॉक्टर को बार-बार कैमरा एडजस्ट नहीं करना पड़ता। पारंपरिक लेजर के मुकाबले यह बहुत अधिक फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकता है, जिससे सर्जरी का समय काफी कम हो जाता है। इसके पतले और लचीले फाइबर मूत्रमार्ग के कठिन हिस्सों तक आसानी से पहुँच सकते हैं।
डॉ नवीन वैष्णव ने बताया कि यह न केवल ज्यादा सुरक्षित है बल्कि इससे रक्तस्राव कम होता है, अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल जाती है और व्यक्ति काम पर जल्दी लौट सकता है। बढ़े हुए प्रोस्टेट टिश्यूज को भी यह मशीन बिना ज्यादा खून बहाए सुरक्षित तरीके से काटने तथा हटाने में सक्षम है। इस मशीन का मूत्राशय के ट्यूमर या मूत्रमार्ग के संकुचन (Strictures) को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता है।
